CM धामी ने अधिकारियों से ली बचाव अभियान की जानकारी,पीपलकोटी टनल हादसे के बाद रेस्क्यू जारी – Uttaranchal Ratna
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CM धामी ने अधिकारियों से ली बचाव अभियान की जानकारी,पीपलकोटी टनल हादसे के बाद रेस्क्यू जारी

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चमोली:- उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में निर्माणाधीन THDC टनल में हुए हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन का निरीक्षण किया और अधिकारियों से बचाव कार्य की प्रगति की जानकारी ली। इससे पहले मायापुर स्थित THDC सुरंग में अचानक पानी और मलबा घुसने से कई श्रमिकों के फंसने की घटना सामने आई थी। मुख्यमंत्री धामी ने टनल साइट पर प्रशासन, पुलिस, SDRF, NDRF और अन्य बचाव एजेंसियों के अधिकारियों से बातचीत कर अभियान की स्थिति जानी। उन्होंने फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राहत कार्यों को पूरी तेजी से संचालित करने के निर्देश दिए। टनल का जायजा लेने के बाद मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से जिला अस्पताल गोपेश्वर के लिए रवाना हुए, जहां उन्होंने हादसे में घायल श्रमिकों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना।

हादसे के वक्त सुनाई दी तेज आवाज, बिजली भी हुई गुल

हादसे के दौरान टनल के आसपास मौजूद ओडिशा निवासी जगेश्वर ने घटना का आंखों देखा हाल बताया। जगेश्वर टनल से निकलने वाले पानी को पंप के जरिए बाहर निकालने का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि शाम करीब 6:10 बजे अचानक टनल के भीतर से तेज आवाज सुनाई दी। आवाज इतनी भयावह थी कि उन्हें किसी बड़ी अनहोनी की आशंका हुई। जगेश्वर के मुताबिक, तेज आवाज के साथ ही टनल की बिजली भी चली गई। उस समय वह घटनास्थल से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर थे। आवाज सुनने के बाद उन्होंने तुरंत अन्य लोगों को इसकी जानकारी दी और हादसे की गंभीरता का अंदाजा लगाया।

17 मजदूर कर रहे थे सेटरिंग का काम

हादसे में घायल छत्तीसगढ़ निवासी सुनील दीवान ने जिला अस्पताल में घटना की जानकारी देते हुए बताया कि वह टनल के अंदर सरिया से सेटरिंग तैयार करने का काम कर रहे थे। उस समय उनके साथ करीब 17 लोग मौजूद थे। सुनील ने बताया कि अचानक करीब 150 मीटर की दूरी पर जोरदार आवाज हुई और भारी भूस्खलन शुरू हो गया। देखते ही देखते मलबा, पानी और पत्थर तेज रफ्तार से टनल के भीतर आने लगे। मलबे के तेज दबाव से कई श्रमिक दूर जा गिरे, जबकि कुछ लोग मलबे में दब गए।

‘बचाओ-बचाओ’ चिल्ला रहे थे मजदूर

सुनील के अनुसार, मलबे के तेज धक्के के कारण कुछ श्रमिक टनल के बाहर की ओर आ गए। उस दौरान अंदर फंसे मजदूर मदद के लिए लगातार ‘बचाओ-बचाओ’ चिल्ला रहे थे। टनल के कई हिस्सों में मलबा भर जाने से ऑक्सीजन का स्तर भी बेहद कम हो गया था।उन्होंने बताया कि ऑक्सीजन की कमी के चलते कुछ श्रमिकों के लिए मलबे के बीच आगे बढ़ना मुश्किल हो गया था और उनका दम घुटने लगा था। सुनील ने कहा कि समय रहते रेस्क्यू अभियान शुरू होने से कई लोगों को बाहर निकालने में मदद मिली।

रेस्क्यू अभियान पर प्रशासन की नजर

पीपलकोटी टनल हादसे के बाद प्रशासन और बचाव एजेंसियां लगातार मौके पर मौजूद हैं। SDRF, NDRF, पुलिस और अन्य टीमें टनल में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास में जुटी हैं। मुख्यमंत्री धामी भी लगातार अधिकारियों से रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ले रहे हैं और घायलों के उपचार की व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं।


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