राज्य स्थापना रजत जयंती पर सीएम धामी की 11 बड़ी घोषणाएं, कृषि भूमि सर्वे से लेकर साइबर सेंटर तक योजनाओं की झड़ी – Uttaranchal Ratna
Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home/u141101890/domains/uttaranchalratna.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 6260

राज्य स्थापना रजत जयंती पर सीएम धामी की 11 बड़ी घोषणाएं, कृषि भूमि सर्वे से लेकर साइबर सेंटर तक योजनाओं की झड़ी

राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह के तहत पुलिस लाइन में आयोजित रैतिक परेड कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश की संपूर्ण कृषि भूमि का आगामी पांच वर्षों में चरणबद्ध सर्वेक्षण कर बंदोबस्त करवाया जाएगा। इसमें भूमि का पुनः सर्वेक्षण और रिकॉर्ड का नवीनीकरण शामिल है। इससे जमीन के मालिकाना हक को लेकर अस्पष्टता समाप्त होगी। भूमि विवादों में कमी आएगी और कृषि ऋण लेना आसान होगा।सीएम ने शुक्रवार को देहरादून पुलिस लाइन में प्रदेश के विकास, सुरक्षा और जन कल्याण से जुड़ी 11 महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें कृषि भूमि बंदोबस्त से लेकर साइबर अपराधों की रोकथाम, फार्म फेंसिंग पॉलिसी, पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण जैसी घोषणाएं हैं, जिससे राज्य के विकास को गति मिलने की उम्मीद है। सीएम ने कहा, प्रदेश में साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए स्टेट साइबर क्राइम कॉर्डिनेशन सेंटर की स्थापना की जाएगी। साइबर अपराधों में लगातार वृद्धि को देखते हुए यह बड़ी जरूरत बन चुकी है। राज्य में रोजाना साइबर अपराध के संगीन मामले सामने आ रहे हैं। यह सेंटर सभी जिलों की पुलिस इकाइयों के बीच समन्वय स्थापित करेगा और डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करेगा। ड्रग्स फ्री देवभूमि के लिए प्रदेश में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का विस्तार किया जाएगा। यह घोषणा ड्रग्स फ्री उत्तराखंड 2025 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अहम है। टास्क फोर्स के विस्तार से न केवल ड्रग्स की तस्करी पर लगाम लगेगी, बल्कि युवाओं को नशे के जाल से बचाने के लिए जागरूकता और पुनर्वास कार्यक्रमों को भी बल मिलेगा। राजकीय विद्यालयों में पीएम पोषण योजना के अंतर्गत मानदेय पर रखी गई भोजन माताओं के लिए कल्याण कोष की स्थापना की जाएगी। यह भोजन माताओं के सम्मान और आर्थिक सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह कोष उनके आकस्मिक खर्चों, स्वास्थ्य और भविष्य की जरूरतों में सहायता प्रदान कर सकता है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुधरेगी। राज्य में जंगली जानवरों एवं आवास पशुओं से कृषि व फसलों की सुरक्षा के लिए फार्म फेंसिंग पॉलिसी लाई जाएगी। जंगली जानवरों से फसल को होने वाला नुकसान पहाड़ में खेती छोड़ने का एक बड़ा कारण है। यह नीति किसानों को सुरक्षित बाड़ लगाने में आर्थिक सहायता देगी, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष कम होगा और किसानों का पलायन रुकेगा। युवा तकनीक की भाषा समझे: राज्यपाल राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह: उत्तराखंड पुलिस ने आधुनिक पुलिस बल के रूप में विशेष पहचान स्थापित की है। साइबर अपराधों से निपटने के लिए साइबर कमांडो तैयार किए हैं, जिससे दक्षता और बल बढ़ा है। सामुदायिक पुलिसिंग कर विशेष बल देकर जनता से सहयोग का सेतु तैयार किया है। 25 वर्षों का काल खंड , राज्य चार धाम से बढ़कर वैश्विक वैलनेस डेस्टिनेशन वेडिंग डेस्टिनेशन योग आयुर्वेद कई दिशाओं में आगे बढ़ रहा है। जल जंगल और पहाड़ के संरक्षण में मातृ शक्ति का उल्लेखनीय योगदान रहा है। राज्य के विकास की धूरी हैं, स्वयं सहायता समूह से लेकर खेल रक्षा विज्ञान खेल आदि क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही है। आज एआई के युग में हमारा लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड का युवा तकनीक की भाषा समझें। इसी दिशा से विकसित भारत का मार्ग प्रशस्त होगा। स्वदेशी के मंत्र के देश की प्रगति होगी, हमें वह सामान लेना चाहिए जो स्वदेशी हो, इस साल पीएम मोदी का सान्निध्य प्राप्त होना गर्व है। हम सब मिलकर संकल्प लें कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाएंगे।

सीएम ने ये भी कीं प्रमुख घोषणाएं

– पारंपरिक धारे, नौले आदि प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण, पुनर्जीवन सौंदर्यीकरण के लिए विशेष संवर्धन योजना प्रारंभ की जाएगी। | यह घोषणा जल संरक्षण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। धारे और नौले पहाड़ में पानी के मुख्य स्रोत हैं। उनके पुनर्जीवन से पेयजल की समस्या दूर होगी और भूजल स्तर को सुधारने में मदद मिलेगी।

– उच्च शिक्षा शिक्षण संस्थाओं के छात्र-छात्राओं में कौशल विकास के लिए ऑनलाइन स्किल कोर्सेज उपलब्ध कराए जाएंगे तथा सिविल सर्विसेज, बैंकिंग, मैनेजमेंट, नेट आदि परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन कोचिंग सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। | इस कदम से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग मिल सकेगी, जिससे वे आत्मनिर्भर बनेंगे।

– मानसखंड माला मिशन की तर्ज पर ही केदारखंड माला मिशन का विकास किया जाएगा। केदारखंड माला (गढ़वाल क्षेत्र) के धार्मिक और पर्यटन स्थलों को बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधाओं से जोड़ा जाएगा। इससे पर्यटन का विकास होगा, स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

– आदर्श चंपावत की तरह आदर्श रुद्रप्रयाग जनपद का विकास किया जाएगा। इससे समान और संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।

– कुमाऊं के शारदा कॉरिडोर व आदि कैलाश तथा गढ़वाल के अंजनी सैण एवं बेलाकेदार क्षेत्र को स्प्रिचुअल इकोनॉमिक जोन के रूप में विकसित किया जाएगा। इन धार्मिक और प्राकृतिक महत्व के क्षेत्रों को आर्थिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

– प्रत्येक जिला अस्पताल में टाइप-1 डायबिटीज के लिए विशेष क्लीनिक खोले जाएंगे और 15 वर्ष तक के बच्चों की डायबिटीज स्क्रीनिंग मुफ्त की जाएगी।राज्यपाल ने ली रैतिक परेड की सलामी: आठ को उत्तराखंड गौरव सम्मान

उत्तराखंड राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह पर शुक्रवार को पुलिस लाइन में भव्य रैतिक परेड का आयोजन किया गया। सीएम पुष्कर सिंह धामी और राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम गीत से हुई। इस मौके पर राज्यपाल और सीएम ने उत्तराखंड पुलिस पत्रिका का विमोचन और रजत जयंती पदक के प्रतीकात्मक चिह्न का अनावरण किया। इन्हें मिला उत्तराखंड गौरव सम्मान इस वर्ष का उत्तराखंड गौरव सम्मान-2025 निशानेबाज पद्मश्री जसपाल राणा, उद्यमी एवं समाजसेवी देव रतूड़ी के अलावा मरणोपरांत अभिनेता एवं लेखक टॉम ऑल्टर, राज्य आंदोलनकारी सुशीला बलूनी, चिपको आंदोलन की जननी गौरा देवी, भूवैज्ञानिक खड़ग सिंह वल्दिया, वीरांगना तीलू रौतेली और लेखक शैलेश मटियानी को दिया गया। राज्यपाल ने उत्कृष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक व पुलिस पदक प्राप्त पुलिस अधिकारियों को भी सम्मानित किया। स्वदेशी और आत्मनिर्भरता पर दिया बल राज्यपाल ने समारोह में सभी अमर शहीदों और आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने स्वदेशी के मंत्र पर बल देते हुए कहा कि हमें वही वस्तुएं खरीदनी चाहिए, जिनमें हमारे लोगों का परिश्रम निहित हो और जो मेड इन इंडिया हो। यह आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर उत्तराखंड का सबसे बड़ा मंत्र है। उन्होंने राज्य के युवाओं से तकनीक, नवाचार और स्टार्टअप के क्षेत्र में अग्रणी बनने का आह्वान किया ताकि वे देश-प्रदेश के विकास में योगदान दें। उन्होंने कहा कि यही मार्ग विकसित उत्तराखंड व विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करेगा। राज्यपाल ने उत्तराखंड पुलिस की कार्यकुशलता, अनुशासन और दूरदर्शी दृष्टिकोण की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस ने ड्रग्स-फ्री उत्तराखंड के लक्ष्य और साइबर अपराधों से निपटने के लिए सराहनीय कार्य किया है और कम्युनिटी पुलिसिंग से जनता के साथ विश्वास का सेतु मजबूत किया है।देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में राज्य आंदोलन के अमर बलिदानियों और देश की रक्षा के लिए प्राण न्योछावर करने वाले जवानों को नमन किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद किया और कहा कि उनके कारण ही उत्तराखंड की स्थापना का स्वप्न साकार हुआ। उन्होंने कहा कि राज्य ने पिछले 25 वर्षों में अनेकों चुनौतियों के बावजूद देश के अग्रणी राज्यों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। राज्य की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट 12.69 प्रतिशत रही है, जो राष्ट्रीय औसत से चार गुना अधिक है। किसानों की आय वृद्धि में राज्य का पहला स्थान सीएम धामी ने बताया कि किसानों की आय वृद्धि में उत्तराखंड ने देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है और युवाओं को रोजगार देने में भी अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। प्रदेश को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट का अवॉर्ड भी मिला है। समारोह में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक प्रेमचंद अग्रवाल, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, एसएसपी अजय सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी व गणमान्य जन उपस्थित रहे। वायुसेना का ध्रुव पहली बार हुआ शामिल, धराली आपदा के बचाव कार्यों का प्रदर्शन देहरादून। रैतिक परेड समारोह में वायुसेना के ध्रुव एडवांस हेलीकॉप्टर पहली बार शामिल हुए। ध्रुव ने 2013 के ऑपरेशन राहत से लेकर इस साल धराली आपदा में भी बचाव और राहत कार्य में अहम भूमिका निभाई। मंच से बताया गया कि ध्रुव ने विकट भौगोलिक परिस्थितियों और प्रतिकूल मौसम में बड़ी संख्या में लोगों के प्राण बचाकर अपनी विश्वसनीयता को साबित किया है। वहीं, पुलिस के एसडीआरएफ दस्ते ने उत्तरकाशी के धराली में आई आपदा में किए गए बचाव कार्यों का प्रदर्शन कर जमकर सराहना बटोरी। इस दौरान एक मंच बनाकर उसे पहाड़ी क्षेत्र का रूप दिया था। जहां एसडीआरएफ दस्ते ने आपदा की सूचना पर फौरन मौके पर पहुंच पहाड़ी क्षेत्र से बचाव कार्यों को अंजाम देकर दिखाया। कार्यक्रम में पुलिस विभाग की ओर से विशेष साहसिक प्रदर्शन किए गए, जिनमें मोटरसाइकिल दल के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने दर्शकों को रोमांचित किया। राज्य में 22 से 51 हुए दमकल केंद्र, अग्निशमन के महिला दस्ते ने किया जांबाज प्रदर्शन समारोह स्थल पर अग्निशमन के महिला दस्ते ने बेहद तत्परता, सूझबूझ और जांबाजी भरा प्रदर्शन किया। उन्होंने दिखाया कि कैसे आग लगने की सूचना पर महिला दल की सदस्य 30 सेकेंड में उपकरणोंं और सुरक्षा जैकेट से लैस हुईं। उसके बाद 20 किलो वजनी उपकरण लेकर दमकल की गाड़ी लेकर मौके पर पहुंचीं। फिर 15 फीट ऊंची इमारत पर सीढ़ियों से दाखिल होकर 90 किलो वजनी हौज पाइप और पानी के दबाव को संभालते हुए आग पर काबू पाया। वहां फंसे लोगों को रेस्क्यू किया। इस प्रदर्शन ने दर्शकों, खासकर स्कूली बच्चों की खूब तालियां बटोरीं। दल की महिलाएं जिस तरह से सीढ़ियों से स्लाइड करते नीचे उतर रही थीं, वह प्रदर्शन का सबसे खास आकर्षण था। आतंक विरोध दस्ते का प्रदर्शन सबसे रोमांचक रहा इस बार भी पुलिस के आतंक विरोधी दस्ते के प्रदर्शन ने लोगों को कुछ पलों के लिए सकते में डाल दिया। एक होटल में आतंकियों के घुसने और लोगों को बंधक बनाने की सूचना पर कमांडो टीम ने जिस तरह से त्वरित और धमाकेदार कार्रवाई की, उससे समारोह स्थल गूंज उठा। ब्लास्ट के साथ आतंकियों पर काबू पाना और जिप्सी से चलती बस में कूदने के स्टंट ने दर्शकों को रोमांच से भर दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *