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उत्तराखंड में इस बार अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) का स्वरूप बेहद खास और भावनात्मक होने जा रहा है। मुख्यमंत्री आवास स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में महिला कल्याण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने घोषणा की है कि इस वर्ष का महिला दिवस प्रदेश की उन ‘दादियों और नानियों’ को समर्पित होगा, जिन्होंने अपनी मेहनत, त्याग और संस्कारों से उत्तराखंडी समाज की नींव को सुरक्षित रखा है।
“समाज की धरोहर हैं हमारी बुजुर्ग महिलाएं”
बैठक के दौरान मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल एक दिन का सम्मान नहीं, बल्कि बुजुर्ग महिलाओं के जीवन में खुशहाली लाना है। उन्होंने कहा कि— “हमारी बुजुर्ग महिलाएं न केवल परिवार की धुरी हैं, बल्कि वे संस्कृति और परंपराओं की जीवित धरोहर हैं। उन्हें सम्मानित करना हम सबके लिए गर्व की बात होगी।”
योजना की मुख्य बातें और अधिकारियों को निर्देश:
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जनपद स्तरीय भागीदारी: प्रदेश के सभी 13 जनपदों से बुजुर्ग महिलाओं को ससम्मान राजधानी देहरादून आमंत्रित किया जाएगा।
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गांव-गांव होगा सर्वे: मंत्री ने अधिकारियों को दूरदराज के सीमांत गांवों में सर्वे करने का आदेश दिया है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि वृद्ध महिलाओं को स्वास्थ्य, पेंशन या सामाजिक सुरक्षा के मोर्चे पर किस तरह की मदद की तत्काल आवश्यकता है।
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नई कल्याणकारी योजना का खाका: सर्वे रिपोर्ट के आधार पर एक ठोस योजना तैयार की जाएगी, ताकि जरूरतमंद वृद्ध महिलाओं को सीधे सरकारी लाभ से जोड़ा जा सके।