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जनआक्रोश के आगे झुकी सरकार: सीएम धामी की संस्तुति पर अंकिता केस में CBI की एंट्री।

 उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में तीन साल बाद एक नया और निर्णायक मोड़ आया है। मामले में ‘वीआईपी’ (VIP) के नाम को लेकर चल रहे रहस्य के बीच CBI की स्पेशल क्राइम ब्रांच ने मोर्चा संभाल लिया है। सीबीआई की दिल्ली स्थित शाखा-दो ने सोमवार को अज्ञात वीआईपी के खिलाफ औपचारिक मुकदमा दर्ज कर लिया है, जिसके बाद जांच टीम साक्ष्यों को खंगालने के लिए उत्तराखंड पहुंच चुकी है।

वायरल ऑडियो और उर्मिला सनावर के दावों ने मचाई हलचल

यह मामला एक बार फिर तब गरमाया जब पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर सनसनीखेज दावे किए। फेसबुक लाइव के दौरान उन्होंने “VIP गट्टू” नाम का जिक्र किया और एक ऑडियो का हवाला देते हुए मामले में नए तथ्यों के होने की बात कही। इस खुलासे के बाद प्रदेश भर में जनआक्रोश भड़क उठा और कांग्रेस सहित कई संगठनों ने सड़कों पर उतरकर सीबीआई जांच की मांग की।

सीएम धामी की संस्तुति और CBI का एक्शन

बढ़ते दबाव और जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 9 जनवरी को इस प्रकरण की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। अब सीबीआई ने अज्ञात वीआईपी के खिलाफ धाराएं लगाते हुए जांच शुरू कर दी है। सीबीआई की टीम अब उन कड़ियों को जोड़ने की कोशिश करेगी जो एसआईटी (SIT) की जांच में अधूरी रह गई थीं।

क्या था वो ‘VIP’ राज?

सितंबर 2022 में वनंत्रा रिजॉर्ट की रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या के बाद से ही एक ‘वीआईपी’ का नाम चर्चा में रहा है। जांच में सामने आया था कि अंकिता ने अपने दोस्त को व्हाट्सएप मैसेज कर बताया था कि उसे किसी वीआईपी को “अतिरिक्त सेवा” देने के लिए मजबूर किया जा रहा है। हालांकि मुख्य आरोपी पुलकित आर्य और उसके साथियों को उम्रकैद मिल चुकी है, लेकिन वह वीआईपी कौन था, यह सवाल आज भी उत्तराखंड की जनता के मन में है।

केस की अब तक की स्थिति

  • हत्या की तारीख: 18 सितंबर 2022

  • आरोपी: पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता (तीनों को उम्रकैद)।

  • चार्जशीट: 500 पेज की चार्जशीट और 97 गवाह।

  • ताजा अपडेट: सीबीआई अब अज्ञात वीआईपी की पहचान और इस हत्याकांड में उसकी संलिप्तता की जांच करेगी।

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