Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home/u141101890/domains/uttaranchalratna.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 6131

Claude Cowork: वो नया AI टूल जिसने हिला दी भारतीय आईटी कंपनियों की जड़ें, जानें क्यों घबराए हैं निवेशक।

भारतीय शेयर बाजार के लिए बुधवार का दिन किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। आईटी सेक्टर (IT Sector) में मार्च 2020 के कोविड क्रैश के बाद की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी आईटी इंडेक्स में 6% तक की भारी गिरावट आई, जिससे निवेशकों के करीब 2 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए। इस तबाही के पीछे कोई आर्थिक मंदी नहीं, बल्कि अमेरिका का एक नया एआई स्टार्टअप ‘एंथ्रोपिक’ (Anthropic) और उसका नया टूल ‘Claude Cowork’ है।

क्यों गिरा आईटी मार्केट? (The Anthropic Effect)

अमेरिकी स्टार्टअप एंथ्रोपिक ने हाल ही में 11 नए शक्तिशाली प्लगइन्स लॉन्च किए हैं। ये प्लगइन्स पेशेवर कामों को पूरी तरह से ऑटोमेट (Automate) करने के लिए डिजाइन किए गए हैं। निवेशकों के बीच यह डर फैल गया है कि अगर एआई खुद ही कोडिंग, डेटा एनालिसिस और लीगल ड्राफ्टिंग करने लगेगा, तो भारतीय आईटी कंपनियों (जो इसी तरह की सेवाएं बेचती हैं) का वजूद खतरे में पड़ सकता है।

क्या है Claude Cowork? (भविष्य का डिजिटल साथी)

यह कोई सामान्य चैटबॉट नहीं है, बल्कि एक ‘डिजिटल को-वर्कर’ है। इसकी क्षमताएं हैरान करने वाली हैं:

  • फाइल मैनेजमेंट: यह फाइलों को पढ़ सकता है, एडिट कर सकता है और फोल्डर के नाम बदलकर उन्हें व्यवस्थित कर सकता है।

  • डेटा कन्वर्जन: आप इसे स्क्रीनशॉट देंगे, यह आपको तुरंत उसकी स्प्रेडशीट बना कर दे देगा।

  • रिपोर्ट मेकिंग: रफ नोट्स को यह कुछ ही मिनटों में प्रोफेशनल रिपोर्ट या ड्राफ्ट में बदल देता है।

  • स्पेशलाइज्ड टूल्स: वकीलों और डेटा एनालिस्ट्स के लिए ‘Claude Legal & Data’ टूल लॉन्च किया गया है जो घंटों का कागजी काम मिनटों में निपटा देता है।

किन कंपनियों पर गिरी गाज?

बाजार में सबसे ज्यादा मार Infosys और Mphasis पर पड़ी, जिनके शेयर 7% से अधिक टूट गए। TCS, HCL Tech, LTIMindtree और Coforge में भी 5-6% की गिरावट देखी गई, जबकि Wipro के शेयर 4% तक गिरे। आईटी कंपनियों का कुल मार्केट कैप 29.85 लाख करोड़ रुपये से नीचे लुढ़क गया है।

निवेशकों की घबराहट की वजह

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशक दो बातों से डरे हुए हैं:

  1. Pricing Power: जब एआई सस्ते में काम करेगा, तो कंपनियां अपने क्लाइंट्स से मोटी फीस नहीं वसूल पाएंगी।

  2. Back-office Automation: ज्यादातर भारतीय आईटी कंपनियां बैक-ऑफिस और लीगल सपोर्ट का काम करती हैं, जिसे यह एआई टूल आसानी से रिप्लेस कर सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *