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देहरादून/गैरसैंण। उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार आगामी वित्तीय वर्ष के लिए एक ऐतिहासिक बजट पेश करने की तैयारी में है। इस बार का बजट न केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा होगा, बल्कि इसमें सीधे तौर पर प्रदेश की जनता की भागीदारी भी झलकेगी। 9 मार्च से ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में बजट सत्र का आयोजन संभावित है, जिसकी पुष्टि स्वयं मुख्यमंत्री ने की है।
पारंपरिक लीक से हटकर ‘बजट संवाद’
धामी सरकार ने इस बार बजट निर्माण की प्रक्रिया को लोकतांत्रिक और समावेशी बनाने के लिए ‘सीधा संवाद’ अभियान शुरू किया है। इसकी शुरुआत 7 फरवरी को खटीमा से हुई, जहाँ मुख्यमंत्री ने समाज के विभिन्न वर्गों से मुलाकात कर उनके सुझाव लिए। सरकार का मानना है कि बंद कमरों के बजाय धरातल की जरूरतों को समझकर बनाया गया बजट ही राज्य के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
अगला पड़ाव: पौड़ी में विशेषज्ञों का मंथन
खटीमा के बाद अब बजट संवाद का अगला बड़ा कार्यक्रम पौड़ी जिले में आयोजित होने जा रहा है। इस कार्यक्रम की खास बातें:
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बहुआयामी चर्चा: शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, उद्योग और कृषि जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित चर्चा होगी।
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विषय विशेषज्ञों की राय: केवल आम जनता ही नहीं, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों के एक्सपर्ट्स को भी आमंत्रित किया गया है ताकि बजट को तकनीकी रूप से भी मजबूत बनाया जा सके।
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सेक्टरवार सुझाव: किस क्षेत्र को कितनी प्राथमिकता मिले, इसका निर्णय प्राप्त सुझावों के आधार पर किया जाएगा।
गैरसैंण में सत्र: भावनाओं और विकास का संगम
पिछली बार मेंटेनेंस कार्यों की वजह से बजट सत्र देहरादून में आयोजित करना पड़ा था, लेकिन इस बार भराड़ीसैंण (गैरसैंण) विधानसभा भवन पूरी तरह तैयार है। मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया है कि पहाड़ की भावनाओं का सम्मान करते हुए सत्र वहीं आयोजित होगा। इससे न केवल पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं पर ध्यान केंद्रित होगा, बल्कि ग्रीष्मकालीन राजधानी के महत्व को भी मजबूती मिलेगी।
सरकार का लक्ष्य है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 का यह बजट युवाओं के रोजगार, महिलाओं के सशक्तिकरण और सीमांत गांवों के विकास (Vibrant Village) पर केंद्रित रहे।