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डिलीवरी बॉयज का भी होगा सत्यापन, उत्तराखंड पुलिस ने सुरक्षा के लिए तैयार किया ‘फुलप्रूफ’ प्लान।

उत्तराखंड के नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक (DGP) दीपम सेठ ने प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए एक व्यापक और सघन सत्यापन अभियान (Verification Drive) का शंखनाद कर दिया है। देवभूमि की शांति भंग करने वाले संदिग्धों, अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों और घुसपैठियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाएगी।

चप्पे-चप्पे पर होगी नजर: इन पर रहेगा विशेष फोकस

डीजीपी के निर्देशानुसार, यह अभियान केवल कागजी नहीं बल्कि धरातल पर उतरेगा। पुलिस, एसटीएफ (STF), एसओजी (SOG) और एलआईयू (LIU) की संयुक्त टीमें इन क्षेत्रों को खंगालेंगी:

  • डिलीवरी बॉय और ई-कॉमर्स: Amazon, Zomato, Blinkit जैसे प्लेटफॉर्म्स के डिलीवरी एजेंटों का अनिवार्य सत्यापन।

  • रेजीडेंशियल एरिया: पीजी (PG), हॉस्टल्स, अपार्टमेंट्स, आश्रम और धर्मशालाओं में रहने वालों की जांच।

  • कमर्शियल प्रतिष्ठान: जिम, स्पा सेंटर, ब्यूटी पार्लर, सैलून और कोचिंग संस्थानों में कार्यरत स्टाफ का वेरिफिकेशन।

  • प्रॉपर्टी डीलर और ब्रोकर: बिना पुलिस वेरिफिकेशन के किराएदार रखने वाले मकान मालिकों और प्रॉपर्टी डीलरों पर होगी कठोर कानूनी कार्यवाही।

अवैध घुसपैठियों और विदेशी नागरिकों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’

अभियान का सबसे अहम हिस्सा अवैध घुसपैठियों और बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान करना है। डीजीपी ने स्पष्ट किया है कि जो विदेशी नागरिक वीज़ा अवधि समाप्त होने के बाद भी अवैध रूप से उत्तराखंड में रह रहे हैं, उन्हें चिन्हित कर तत्काल वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। संदिग्धों की पहचान के लिए NATGRID, CCTNS और ICJS जैसे आधुनिक डेटाबेस का उपयोग किया जा रहा है।

सुरक्षा के लिए हाई-टेक इंतजाम

पुलिस केवल पूछताछ ही नहीं करेगी, बल्कि तकनीकी रूप से भी सुरक्षा पुख्ता करेगी:

  1. सीसीटीवी ऑडिट: मॉल, स्कूल, यूनिवर्सिटी और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरों की कार्यक्षमता जांची जाएगी।

  2. बुजुर्गों और महिलाओं की सुरक्षा: अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के घरेलू सहायकों, ड्राइवरों और केयर-टेकर्स का अनिवार्य वेरिफिकेशन होगा।

  3. जवाबदेही तय: हर थाने में विशेष टीमें गठित की गई हैं, जिनकी समीक्षा सीओ से लेकर आईजी स्तर तक की जाएगी।

डीजीपी दीपम सेठ का संदेश: “उत्तराखंड पुलिस की प्राथमिकता आम नागरिकों को भयमुक्त वातावरण देना है। आपराधिक तत्वों के साथ पूरी सख्ती से निपटा जाएगा और हर स्तर पर पुलिस की जवाबदेही तय होगी।”

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