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सरकारी योजनाओं का होगा भौतिक सत्यापन, अधिकारियों को निर्देश

केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत परखने के लिए रविवार को विकास भवन भीमताल में बड़ी समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सचिव संस्कृत शिक्षा, जनगणना एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन उत्तराखंड दीपक कुमार ने की। इस दौरान विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को फील्ड में जाकर योजनाओं का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए गए।

भीमताल में विकास योजनाओं की हुई समीक्षा

सचिव दीपक कुमार ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए लाभार्थियों के सत्यापन, अवसंरचना निरीक्षण और सेवा वितरण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। बैठक में मुख्यमंत्री घोषणाओं की भी समीक्षा की गई और लंबित कार्यों को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।

महिला समूहों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर जोर

बैठक में महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने को लेकर विशेष चर्चा हुई। सचिव ने एनआरएलएम और एनयूएलएम के तहत बने स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उनके लिए आय के नए स्रोत विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही बेहतर और कमजोर प्रदर्शन करने वाले समूहों की अलग सूची तैयार करने को कहा गया।

सिंचाई, पेयजल और सड़कों की समीक्षा

सिंचाई विभाग की समीक्षा के दौरान नहरों, गूलों और हाइड्रम योजनाओं के मरम्मत कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। वहीं जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल योजना की प्रगति और कनेक्शनों के सत्यापन पर भी जोर दिया गया।

सचिव ने पीएमजीएसवाई सड़कों को गड्ढामुक्त रखने और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं, सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की तैनाती, स्कूलों में पढ़ाई व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की गई।

“धरातल पर दिखनी चाहिए योजनाएं”

सचिव दीपक कुमार ने अधिकारियों से कहा कि योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनका असर जमीन पर भी नजर आना चाहिए। उन्होंने “सरकार जनता के द्वार” कार्यक्रम के तहत गांवों में रात्रि प्रवास कर लोगों की समस्याएं मौके पर सुनने के निर्देश दिए।

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