
पठानकोट में पुलिस ने नाके के दौरान आई-20 कार में सवार तीन युवकों को हिरासत में लिया है। जांच के दौरान युवकों ने खुद को पंजाब पुलिस की खुफिया टीम का सदस्य बताते हुए पुलिस कांस्टेबल का पहचान पत्र दिखाया। हालांकि पुलिस को आईडी कार्ड पर शक हुआ और जांच करने पर मामला फर्जी निकला।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान सराजदीन निवासी गांव गोगन थाना माहलपुर जिला होशियारपुर, बिल्ला निवासी गांव हालटा जिला होशियारपुर और एक अन्य बिल्ला निवासी होशियारपुर के रूप में हुई है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें दो दिन पहले सैली रोड स्थित एक पेट्रोल पंप के पास पंजाब police के कांस्टेबल का पहचान पत्र मिला था। इसके बाद उन्होंने योजना बनाई कि इस आईडी कार्ड का इस्तेमाल टोल प्लाजा पर टैक्स बचाने और पुलिस नाकों से आसानी से निकलने के लिए करेंगे।
रविवार रात करीब 11 बजे गांव पंजूपुर की ओर से सफेद रंग की आई-20 कार में आ रहे तीनों युवकों को पुलिस टीम ने रोक लिया। कार चला रहे युवक ने खुद को कांस्टेबल सुनीर शर्मा बताया, लेकिन आईडी कार्ड पर लगी फोटो और युवक की शक्ल अलग होने पर पुलिस को संदेह हुआ। जब पुलिस ने अन्य दो युवकों से पहचान पत्र मांगे तो वे कोई भी वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके।
सख्ती से पूछताछ करने पर तीनों युवकों ने कबूल कर लिया कि उनका पंजाब पुलिस से कोई संबंध नहीं है और वे फर्जी तरीके से पहचान पत्र का इस्तेमाल कर रहे थे। डीएसपी डिटेक्टिव विपिन कुमार ने बताया कि बरामद पहचान पत्र अमृतसर पुलिस लाइन में तैनात एक कांस्टेबल का है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।