
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय सेना के पूर्व मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी (BC Khanduri) के निधन के बाद पूरे प्रदेश में शोक की लहर है। मंगलवार को उनका पार्थिव शरीर देहरादून स्थित वसंत विहार आवास पहुंचाया गया, जहां अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े। उनके आवास पर राजनीतिक दलों के नेता, पूर्व सैनिक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और आम लोग श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं।
जानकारी के अनुसार बीसी खंडूरी का अंतिम संस्कार बुधवार 20 मई को पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। उनके निधन के बाद उत्तराखंड की राजनीति और प्रशासनिक जगत में गहरा शोक है। भाजपा नेताओं से लेकर विभिन्न दलों के नेताओं ने उन्हें एक ईमानदार, अनुशासित और दूरदर्शी नेता बताया है। खंडूरी के अंतिम दर्शन के लिए कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, मंत्री गणेश जोशी, भाजपा विधायक सविता कपूर, मेयर सौरभ थपलियाल सहित कई वरिष्ठ नेता उनके आवास पहुंचे। पूर्व सैनिक संगठनों के लोग भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। लोगों ने नम आंखों से अपने प्रिय नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की।

बताया जा रहा है कि भुवन चंद्र खंडूरी लंबे समय से बीमार चल रहे थे और देहरादून के मैक्स अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। मंगलवार सुबह करीब 11 बजकर 10 मिनट पर हार्ट अटैक के कारण उन्होंने अंतिम सांस ली। कुछ दिन पहले उन्हें वेंटिलेटर से हटाकर आईसीयू ऑब्जर्वेशन में रखा गया था, लेकिन स्वास्थ्य में कोई विशेष सुधार नहीं हो रहा था। भुवन चंद्र खंडूरी सिर्फ एक राजनेता ही नहीं बल्कि अनुशासन और सादगी की मिसाल माने जाते थे। भारतीय सेना में 35 वर्षों तक सेवा देने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई। उनके निधन को प्रदेश की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।