Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home/u141101890/domains/uttaranchalratna.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 6170

हरिद्वार भूमि खरीद प्रकरण में डीएम कर्मेंद्र सिंह पर भी बड़ी कार्रवाई

हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद प्रकरण में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए बड़ा फैसला लिया है। विजिलेंस जांच में भूमि खरीद-बिक्री के दौरान गंभीर अनियमितताओं और नगर निगम को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के आरोप सही पाए जाने के बाद सरकार ने अधिकारियों समेत कुल 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मंजूरी दे दी है। इस कार्रवाई को राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ धामी सरकार के सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है।

जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद तत्कालीन नगर आयुक्त वरुण चौधरी के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। सरकार ने माना कि भूमि खरीद प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं में उनकी भूमिका गंभीर रही है और उनके कार्यों के कारण सरकारी धन को नुकसान पहुंचा। बर्खास्तगी की इस कार्रवाई ने प्रशासनिक महकमे में हलचल पैदा कर दी है।

मामले में तत्कालीन जिलाधिकारी हरिद्वार कर्मेंद्र सिंह को भी अपने कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही का दोषी माना गया है। सरकार ने उनके खिलाफ मेजर पनिशमेंट की कार्रवाई का निर्णय लिया है। इसके तहत आगे की विभागीय कार्रवाई के लिए पूरा मामला कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को भेजा जा रहा है। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि सरकार किसी भी स्तर पर जिम्मेदारी तय करने से पीछे नहीं हटेगी।

भूमि खरीद प्रकरण में उस समय कार्यरत एसडीएम अजयवीर सिंह पर भी कार्रवाई की गई है। शासन ने उनके सेवा अभिलेख में प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उनकी तीन वेतनवृद्धियां रोकने का फैसला लिया गया है। माना जा रहा है कि जांच में उनकी भूमिका और प्रशासनिक लापरवाही भी सामने आई है।

गौरतलब है कि हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद मामले के सामने आते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल सख्त रुख अपनाया था। प्रारंभिक जांच में अनियमितताओं के संकेत मिलने पर तत्कालीन जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह, पूर्व नगर आयुक्त वरुण चौधरी समेत कई अधिकारियों को निलंबित किया गया था। इसके बाद विशेष जांच, वित्तीय ऑडिट और विस्तृत पड़ताल के जरिए पूरे मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि शासन-प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित सर्वोपरि हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी अधिकारी या कर्मचारी जनता के धन का दुरुपयोग करेगा या अपने पद का गलत इस्तेमाल करेगा, उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। सरकार की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत संदेश माना जा रहा है, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि उत्तराखंड में जनधन और जनहित के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *