
बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण आज इंडस्ट्री की सबसे सफल और लोकप्रिय अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं, लेकिन उनकी इस शानदार शुरुआत के पीछे कड़ी मेहनत और लंबी तैयारी छिपी हुई थी। हाल ही में निर्देशक और कोरियोग्राफर फराह खान ने अपने कुकिंग व्लॉग के दौरान खुलासा किया कि उन्होंने दीपिका को उनकी पहली फिल्म ‘ओम शांति ओम’ के लिए किस तरह तैयार किया था। फराह ने बताया कि दीपिका के डेब्यू को लेकर उन्होंने कोई जल्दबाजी नहीं की थी, बल्कि उन्हें अभिनय, नृत्य और कैमरे के सामने आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिलवाया गया था।
फराह खान अपने हालिया व्लॉग में अभिनेत्री दीया मिर्जा के घर पहुंची थीं। बातचीत के दौरान जब बॉलीवुड में नए कलाकारों को मिलने वाली ट्रेनिंग और तैयारियों की चर्चा हुई तो फराह ने दीपिका पादुकोण के शुरुआती दिनों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि ‘ओम शांति ओम’ में लॉन्च करने से पहले दीपिका को लगभग तीन से चार महीने तक अनुभवी अभिनेता अनुपम खेर की एक्टिंग क्लास में भेजा गया था ताकि उनकी अभिनय क्षमता को निखारा जा सके। इसके अलावा उन्हें कथक की ट्रेनिंग भी दिलाई गई, जिससे उनके किरदार में नजाकत और परफॉर्मेंस में परिपक्वता लाई जा सके।
फराह ने बताया कि फिल्म शुरू होने से पहले दीपिका के कई लुक टेस्ट किए गए और शूटिंग भी तुरंत शुरू नहीं करवाई गई। उन्होंने दीपिका को सलाह दी थी कि पहले कुछ दिन केवल फिल्म के सेट पर आएं और यह देखें कि बड़े कलाकार किस तरह काम करते हैं। फराह के अनुसार उन्होंने दीपिका से कहा था कि वह शाहरुख खान और श्रेयस तलपड़े जैसे कलाकारों को ध्यान से देखें, उनकी कार्यशैली समझें और फिल्म निर्माण की प्रक्रिया को करीब से महसूस करें। इस अनुभव ने दीपिका को कैमरे के सामने सहज होने और अपने किरदार को बेहतर ढंग से समझने में काफी मदद की।
साल 2007 में रिलीज हुई ‘ओम शांति ओम’ उस समय की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक थी। फिल्म में शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण ने डबल रोल निभाए थे। पुनर्जन्म की कहानी पर आधारित इस फिल्म में दोनों की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को दर्शकों ने खूब पसंद किया। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता हासिल की और दीपिका पादुकोण रातों-रात बॉलीवुड की नई स्टार बनकर उभरीं। यही फिल्म उनके करियर के लिए एक मजबूत लॉन्चपैड साबित हुई, जिसने उन्हें हिंदी सिनेमा की शीर्ष अभिनेत्रियों की कतार में खड़ा कर दिया।
फराह खान के इस खुलासे से यह साफ होता है कि किसी नए कलाकार को सफल बनाने के लिए सिर्फ अवसर देना ही काफी नहीं होता, बल्कि उसके पीछे सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और मेहनत भी उतनी ही जरूरी होती है। दीपिका पादुकोण की सफलता की कहानी इसी तैयारी, समर्पण और सही दिशा में किए गए प्रयासों का एक बेहतरीन उदाहरण मानी जाती है।