मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर सोशल मीडिया पर #DhamiKe5Saal जबरदस्त चर्चा का विषय बन गया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर यह हैशटैग देश का नंबर-1 पॉलिटिकल ट्रेंड रहा। बड़ी संख्या में लोगों ने पोस्ट, वीडियो, फोटो और ग्राफिक्स साझा कर मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों और सरकार की उपलब्धियों को सामने रखा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह ट्रेंड उत्तराखंड की राजनीति को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने का संकेत भी है।
पिछले पांच वर्षों के दौरान धामी सरकार ने कई ऐसे फैसले लिए, जिनकी चर्चा पूरे देश में हुई। समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना। इसके अलावा नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, सशक्त भू-कानून, मदरसा बोर्ड को समाप्त करने और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था जैसे फैसलों को सरकार की प्रमुख उपलब्धियों के रूप में देखा गया। इन निर्णयों ने उत्तराखंड को सुशासन और प्रशासनिक सुधारों के मॉडल के रूप में स्थापित करने की दिशा में नई पहचान दिलाई।
सरकार ने पर्यटन, चारधाम यात्रा, सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी, निवेश, रोजगार, सीमांत क्षेत्रों के विकास और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में भी कई योजनाओं को आगे बढ़ाया। पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से हजारों युवाओं को सरकारी नौकरियों में अवसर मिले, जबकि किसानों, सैनिकों, महिलाओं और गरीब परिवारों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को भी गति दी गई। सरकार का दावा है कि इन प्रयासों से राज्य के विकास को नई दिशा मिली है।
सोशल मीडिया पर #DhamiKe5Saal के राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष ट्रेंड बनने को केवल एक डिजिटल अभियान नहीं, बल्कि जनता की भागीदारी और सरकार के कार्यों पर हो रही व्यापक चर्चा के रूप में देखा जा रहा है। हजारों यूजर्स ने मुख्यमंत्री धामी के पांच साल के कार्यकाल से जुड़े विकास कार्यों, योजनाओं और उपलब्धियों को साझा किया। इसके साथ ही उत्तराखंड के विकास मॉडल और सुशासन की चर्चा प्रदेश से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचती नजर आई।