
अजनाला विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के पूर्व विधायक हरप्रताप सिंह अजनाला ने रावी नदी के किनारे बने बांधों और स्परों की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है। नदी किनारे का दौरा करने के बाद उन्होंने आरोप लगाया कि जिन इलाकों में पहले बाढ़ से भारी नुकसान हुआ था, वहां अब तक स्थायी सुरक्षा और मरम्मत के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। पूर्व विधायक ने कहा कि रावी नदी के कई हिस्सों में बने स्पर और बांध लगातार तीन बार बाढ़ की मार झेल चुके हैं। तेज बहाव में पहले लगाए गए पत्थर और सुरक्षा संरचनाएं बह गईं, लेकिन सिंचाई विभाग ने अब तक उनकी मरम्मत या नए निर्माण की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया।
हरप्रताप सिंह अजनाला का दावा है कि रावी नदी पहले ही बड़ी मात्रा में कृषि भूमि को अपने साथ बहा चुकी है। कई स्थानों पर बांधों में दरारें आ चुकी हैं, जिससे मानसून के दौरान सीमावर्ती गांवों में दोबारा बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने रणजीत सागर डैम के संचालन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बारिश शुरू होने से पहले जलस्तर को निर्धारित नियमों के अनुसार कम नहीं किया गया। उनका कहना है कि यदि समय रहते जल प्रबंधन किया जाता तो संभावित बाढ़ के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता था।
पूर्व विधायक ने प्रशासन से अपील की कि केवल बैठकों तक सीमित रहने के बजाय अधिकारी मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का जायजा लें। उन्होंने नदी, नालों और ड्रेनों की समय रहते सफाई कराने तथा कमजोर बांधों को मजबूत करने की मांग भी उठाई।
उन्होंने कहा कि जिन किसानों की फसलें और जमीन बाढ़ से प्रभावित हुई हैं, उन्हें शीघ्र उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए दीर्घकालिक बाढ़ सुरक्षा योजना तैयार करना जरूरी है। हरप्रताप सिंह अजनाला ने रावी नदी से सटे गांवों के लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि यदि मानसून से पहले जरूरी सुरक्षा प्रबंध पूरे नहीं किए गए तो सीमावर्ती क्षेत्रों के कई गांवों को एक बार फिर बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।