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देहरादून:- सचिवालय में जल जीवन मिशन की प्रगति, वित्तीय स्थिति, पेयजल योजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव और आगामी कार्ययोजना को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक हुई। बैठक में अधिकारियों को ‘हर घर जल’ के लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा करने और बचे हुए पात्र ग्रामीण परिवारों को निर्धारित समयसीमा के भीतर नल कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को स्पष्ट किया गया कि निर्माणाधीन और लंबित पेयजल परियोजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी योजनाओं को मिशन मोड में तय समयसीमा के भीतर पूरा कराने के साथ उनकी गुणवत्ता और वास्तविक उपयोगिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
‘हर घर जल’ का लक्ष्य पूरा करने पर फोकस
समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जल जीवन मिशन के तहत शेष पात्र ग्रामीण परिवारों को तेजी से नल कनेक्शन से जोड़ा जाए। इसके लिए लंबित कार्यों की नियमित निगरानी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में पेयजल योजनाओं के निर्माण के साथ-साथ उनके संचालन और रख-रखाव पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए, ताकि योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को लंबे समय तक प्रभावी रूप से मिल सके।
पर्वतीय क्षेत्रों में जल स्रोतों के संरक्षण पर जोर
बैठक में पर्वतीय क्षेत्रों में पेयजल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवीकरण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि वर्षा जल संचयन और जल स्रोतों के पुनर्भरण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। पेयजल उपलब्धता को मजबूत करने के लिए स्थानीय जल स्रोतों के संरक्षण पर विशेष फोकस करने को कहा गया, ताकि भविष्य में भी ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे।
हर जिले में तकनीकी समस्याओं के समाधान का तंत्र
अधिकारियों को प्रत्येक जनपद में पेयजल आपूर्ति से जुड़ी तकनीकी समस्याओं के त्वरित और स्थायी समाधान के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए गए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी क्षेत्र में तकनीकी कारणों से पेयजल आपूर्ति बाधित होने पर समस्या का जल्द समाधान हो सके। बैठक में स्पष्ट किया गया कि जल जीवन मिशन की परियोजनाओं को केवल पूरा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी गुणवत्ता, उपयोगिता और नियमित संचालन भी सुनिश्चित किया जाना जरूरी है।