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हल्द्वानी:- नैनीताल जिले के हल्द्वानी में रामलीला मैदान के कथित शुद्धिकरण को लेकर सियासी विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। मामले के विरोध में कांग्रेस ने शनिवार को सामाजिक समानता और न्याय के समर्थन में पदयात्रा निकाली। इसमें नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, हल्द्वानी विधायक और पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में पार्टी के झंडे और विभिन्न संदेश लिखी तख्तियां लेकर पदयात्रा में शामिल हुए। इस दौरान सामाजिक समानता, संविधान, भाईचारे और सभी वर्गों के समान अधिकार का संदेश दिया गया।
खड़गे की रैली के बाद शुद्धिकरण का कांग्रेस ने लगाया आरोप
कांग्रेस का आरोप है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुई रैली के बाद मैदान का शुद्धिकरण किया गया। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को दलित समाज के अपमान से जोड़ते हुए इसे सामाजिक भेदभाव वाली मानसिकता का प्रतीक बताया है। पदयात्रा के दौरान नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि कांग्रेस सामाजिक न्याय और समानता के लिए लगातार संघर्ष करती रही है। उन्होंने कहा कि जिस मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सभा को संबोधित किया, उसके बाद कथित तौर पर शुद्धिकरण किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। आर्य ने संविधान में सभी नागरिकों को समान अधिकार मिलने का उल्लेख करते हुए छुआछूत और भेदभाव की मानसिकता को समाप्त करने की बात कही।
यूथ कांग्रेस ने SSP कार्यालय पहुंचकर जताया विरोध
रामलीला मैदान के शुद्धिकरण के मुद्दे पर यूथ कांग्रेस भी विरोध दर्ज करा चुकी है। बीते दिन यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने SSP कार्यालय पहुंचकर नारेबाजी की और पुलिस को शिकायत पत्र सौंपा। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि शुद्धिकरण के जरिए माहौल खराब करने की कोशिश की गई। इसके साथ ही पार्टी ने AI से तैयार किए गए वीडियो प्रसारित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि दो दिन के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो धरना दिया जाएगा।
देहरादून में भी कांग्रेस का विरोध मार्च और सत्याग्रह
हल्द्वानी के रामलीला मैदान से जुड़े विवाद का असर देहरादून में भी देखने को मिला। कथित तौर पर गंगाजल से मैदान का शुद्धिकरण किए जाने के विरोध और मल्लिकार्जुन खड़गे के समर्थन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने देहरादून में विरोध मार्च निकाला और सत्याग्रह किया। मार्च कांग्रेस भवन, देहरादून से शुरू होकर घंटाघर स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा तक पहुंचा। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सामाजिक समरसता, भाईचारे, लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की रक्षा का संदेश देते हुए शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया।