हल्द्वानी: उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद कथित शुद्धिकरण यज्ञ को लेकर सियासत लगातार गरमाती जा रही है। कांग्रेस जहां इस घटना को सामाजिक भेदभाव और दलित अस्मिता से जोड़कर भाजपा और राज्य सरकार पर निशाना साध रही है, वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने पर सवाल उठाए हैं।
“कांग्रेस के पास ऐसा कोई तथ्य या प्रमाण नहीं है, जिससे यह साबित हो कि हल्द्वानी में किसी को अपमानित करने के लिए शुद्धिकरण यज्ञ किया गया। इसके बावजूद इस मामले को तूल देना केवल समाज में भ्रम और विभाजन की स्थिति पैदा करने का प्रयास है।
राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे संवेदनशील विषयों को हवा देने के बजाय कांग्रेस को तथ्यों के आधार पर बात रखनी चाहिए।”
धामी बोले- संवेदनशील मुद्दों पर तथ्यों के आधार पर बात रखे कांग्रेस
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस से अपील की कि राजनीतिक लाभ के लिए संवेदनशील विषयों को हवा देने के बजाय तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर अपनी बात रखी जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को जातीय राजनीति से जोड़ने के बजाय वास्तविक तथ्यों को सामने रखना जरूरी है।
धामी पहले भी इस विवाद पर कांग्रेस पर जातीय राजनीति करने का आरोप लगा चुके हैं। उन्होंने कहा था कि उत्तराखंड में जाति के नाम पर राजनीति स्वीकार नहीं की जाएगी।
क्या है पूरा मामला?
मामला हल्द्वानी के रामलीला मैदान से जुड़ा है। 8 अगस्त 2026 को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने यहां जनसभा को संबोधित किया था। इसके बाद 11 अगस्त को वहां कथित तौर पर शुद्धिकरण यज्ञ/हवन किए जाने की बात सामने आई। कांग्रेस ने इसे खड़गे के दलित समुदाय से आने से जोड़ते हुए गंभीर आरोप लगाए और इसे सामाजिक भेदभाव का मामला बताया।
कांग्रेस नेताओं का आरोप रहा है कि खड़गे की सभा के बाद कार्यक्रम स्थल का शुद्धिकरण करना उन्हें और दलित समाज को अपमानित करने जैसा है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन भी किए हैं।
भाजपा ने भी आरोपों से किया किनारा
विवाद सामने आने के बाद भाजपा की ओर से कहा गया कि कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम से पार्टी का कोई संबंध नहीं है। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक रंग देने की कोशिश बताया है। विवाद के बीच भाजपा की ओर से राहुल गांधी के लिए अलग से ‘बुद्धि शुद्धि’ यज्ञ किए जाने की खबर भी सामने आई, जिससे राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई।
अब पुलिस जांच के दायरे में मामला
इस पूरे विवाद में अब नया मोड़ आ चुका है। 8 सितंबर को नैनीताल पुलिस ने हल्द्वानी कोतवाली में कथित शुद्धिकरण हवन मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की। यह कार्रवाई अधिवक्ता और कांग्रेस कार्यकर्ता अंजू की लिखित शिकायत के आधार पर की गई है। पुलिस अब घटना से जुड़े लोगों और पूरे मामले की परिस्थितियों की जांच कर रही है। इससे पहले मामले को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और अन्य लोगों के खिलाफ भी शिकायत/तहरीर दिए जाने की खबर सामने आई थी।
राजनीतिक मुद्दा बना शुद्धिकरण विवाद
हल्द्वानी का यह विवाद अब केवल स्थानीय घटना तक सीमित नहीं रहा है। कांग्रेस के SC/ST सांसदों ने भी इस मामले पर बैठक की और राष्ट्रपति को ज्ञापन देने का फैसला किया। वहीं कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन और मुख्यमंत्री आवास कूच का भी ऐलान किया था। ऐसे में मुख्यमंत्री धामी का बयान इस विवाद को लेकर भाजपा की राजनीतिक रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। धामी का जोर इस बात पर है कि किसी भी संवेदनशील मामले को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने के बजाय तथ्य और प्रमाण सामने रखे जाने चाहिए। दूसरी ओर कांग्रेस इस घटना को सामाजिक सम्मान, समानता और दलित अधिकारों के सवाल से जोड़कर लगातार सरकार पर दबाव बना रही है। अब पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्य यह तय करने में महत्वपूर्ण होंगे कि कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम का वास्तविक उद्देश्य क्या था और इसके पीछे कौन लोग शामिल थे।