Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home/u141101890/domains/uttaranchalratna.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 6131

अस्तित्व की लड़ाई या न्याय की गुहार? परेड ग्राउंड में विपक्ष के शक्ति प्रदर्शन पर टिकी नजरें।

उत्तराखंड की बहुचर्चित अंकिता भंडारी न्याय मांग को लेकर एक बार फिर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने घोषणा की है कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के उद्देश्य से 8 फरवरी को देहरादून के परेड ग्राउंड में महापंचायत आयोजित की जाएगी। इस ऐलान के बाद कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने आ गई हैं।

गौरतलब है कि अंकिता भंडारी के माता-पिता के आग्रह पर मामले की CBI जांच शुरू हो चुकी है, लेकिन कांग्रेस का आरोप है कि यह जांच सरकार-प्रायोजित शिकायत के आधार पर कराई जा रही है। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की मांग है कि पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जाए, ताकि सच्चाई पूरी तरह सामने आ सके।

वहीं भाजपा विधायकों का कहना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हर स्तर पर अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए प्रयास किए हैं। उनका दावा है कि मुख्यमंत्री की संस्तुति के कारण ही CBI जांच संभव हो सकी है और इससे मामले में कथित VIP एंगल को लेकर चल रहे संशय से भी पर्दा उठेगा। भाजपा का यह भी आरोप है कि कांग्रेस इस संवेदनशील मामले को लेकर महापंचायत के नाम पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है।

दूसरी ओर कांग्रेस प्रवक्ता सुजाता पॉल ने भाजपा के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा CBI जांच पर्यावरणविद अनिल जोशी की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है, जिन पर जंगल भूमि कब्जाने जैसे गंभीर आरोप भी लग चुके हैं। कांग्रेस का कहना है कि इससे सरकार की मंशा स्पष्ट होती है और वह प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है।

हालांकि धामी सरकार यह दावा कर रही है कि उसने अंकिता भंडारी के माता-पिता से किया गया CBI जांच का वादा पूरा कर दिया है, लेकिन विपक्ष अब भी जांच की प्रक्रिया और निष्पक्षता को लेकर सवाल उठा रहा है। फिलहाल CBI मामले के VIP पहलू की जांच कर रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अंकिता भंडारी न्याय मामला आने वाले 2027 विधानसभा चुनाव में एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है, जिस पर सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव और तेज होने की संभावना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *