उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक के बाद एक हो रही हत्याओं ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। बिगड़ती कानून व्यवस्था और पुलिस की कथित निष्क्रियता के विरोध में मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर धामी सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
सड़कों पर उतरी कांग्रेस: ‘पुलिस सो रही है, अपराधी घूम रहे हैं’
महानगर अध्यक्ष जसविंदर सिंह जोगी और महिला प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि राजधानी अब अपराधियों का गढ़ बनती जा रही है और पुलिस केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित है।
“पुलिस सुन लेती, तो नहीं होती गुंजन की हत्या”
जसविंदर सिंह जोगी ने हालिया हत्याकांड पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने खुलासा किया कि:
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मृतक युवती गुंजन के परिजनों ने घटना से दो दिन पहले ही पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया था।
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पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया और कोई सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की।
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पुलिस की इसी लापरवाही का नतीजा है कि बाजार में दिनदहाड़े एक 23 वर्षीय युवती की निर्मम हत्या कर दी गई।
कांग्रेस ने मांग की है कि केवल निलंबन से काम नहीं चलेगा, बल्कि दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
5 दिन, 3 कत्ल: खौफ के साये में देहरादून
देहरादून में पिछले पांच दिनों के भीतर हुई तीन वारदातों ने जनता के मन में डर पैदा कर दिया है:
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29 जनवरी (विकासनगर): 18 साल की छात्रा की रोंगटे खड़े कर देने वाली हत्या। आरोपी ने उंगलियां और नाक काटने के बाद पत्थर से सिर कुचल दिया था।
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31 जनवरी (ऋषिकेश): दिनदहाड़े एक महिला की गोली मारकर हत्या।
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ताजा मामला (कोतवाली नगर): बाजार के बीचों-बीच युवती की हत्या।