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मुख्य प्रवक्ता उत्तराखंड कांग्रेस गरिमा ने भाजपा के संकल्प पत्र का विश्लेषण किया, कांग्रेस ने उठाए सवाल

उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय देहरादून में पत्रकारों से चर्चा के दौरान भाजपा द्वारा जारी संकल्प पत्र का पोस्टमार्टम किया। दसौनी ने कहा कि पिछले 15 सालों से भारतीय जनता पार्टी देहरादून नगर निगम पर काबिज है जिसके चलते नगर निगम देहरादून भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया। गरिमा ने 26 पन्नों का पीडीएफ जारी करते हुए नगर निगम देहरादून का पिछले 5 साल का भ्रष्टाचार सामने रखते हुए कहा की देहरादून नगर निगम भाजपा के शासन में हर मोर्चे पर विफल रहा है। गरिमा ने सवाल पूछते हुए कहा कि क्या कारण है कि संकल्प पत्र में पिछले 15 सालों का रिपोर्ट कार्ड जनता के बीच नहीं रखा गया है, किसी उपलब्धि का ब्यौरा नहीं है ,भाजपा ने कौन-कौन से मील के पत्थर स्थापित किए ?पर्यावरण की दृष्टि या टाउन प्लानिंग की दृष्टि से क्या कदम उठाए गए? दसौनी ने सिलसिलेवार संकल्प पत्र के बिंदुओं पर पलटवार करते हुए कहा कि संकल्प पत्र में जारी कि गई सभी बातें या तो झूठ हैं या फिर कांग्रेस कार्यकाल की हैं। संकल्प पत्र में जितने दावे और वादे जनता से किए गए हैं उन्हें पिछले 15 सालों में पूरा क्यों नहीं किया जा सका। देहरादून में बढ़ चढ़ कर अपराध होते रहे लेकिन सीसीटीवी कैमरा लगाने की बात भारतीय जनता पार्टी संकल्प पत्र में अब कर रही है। गरिमा ने कहा कि पिछले 5 साल जो महापौर नगर निगम देहरादून में काबिज रहे उन पर महापौर रहते हुए अकूत संपत्ति अर्जित करने का गंभीर आरोप लगा। दसौनी ने कहा की 5 साल तक कूड़ा उठाने के आंकड़ों में खेल होता रहा। निगम के अधिकारी 94 प्रतिशत घरों में कूड़ा उठान होने का दावा करते रहे लेकिन सर्वे में हर वार्ड में कहीं दस तो कहीं 20% घरों से ही कूड़ा उठान होने की बात सामने आई, पर्यावरण मित्रों की नियुक्ति और भुगतान को लेकर भी सवाल उठे, सौ कर्मियों की फर्जी तैनाती दर्शाकर हर माह जारी होता रहा वेतन, स्वच्छता समितियां में फर्जीवाड़ा देखने को मिला कागजों में 900 से ज्यादा सफाई कर्मचारी दिखाए गए तैनात, 99 कर्मी केवल कागजों में पाए गए मौके पर नहीं, मोहल्ला स्वच्छता समिति में केंद्र के नियमों को तक पर रखकर फर्जीवाड़ा पाया गया, धांधली में शामिल लोगों को चिन्हित करने की बात तो कही गई लेकिन कोई रिपोर्ट बाहर नहीं आई। सफाई जागरूकता के दिखावे पर हर माह 8 लाख रुपया खर्च करा गया। गरिमा ने कहा की पीडीएफ में भाजपा के कार्यकाल का भ्रष्टाचार उजागर करते हुए सभी समाचार पत्रों की कटिंग लगाई गई हैं और यदि भाजपा इन्हें नकारती है तो वह साफ तौर पर चौथे स्तंभ पर आक्रमण करती है। दसौनी ने कहा कि देहरादून की आम जनता और विपक्षी दलों से भाजपा सरकार ने सभी धरना स्थल एक-एक करके छीन लिए पहले गांधी पार्क और फिर परेड ग्राउंड को प्रतिबंधित कर दिया गया। यातायात को व्यवस्थित करने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए जिससे दिनों दिन स्थानीय जनता की दुश्वारियां बढ़ती चली गई। गरिमा ने भारतीय जनता पार्टी से सवाल करते हुए कहा की स्मार्ट सिटी के अंतर्गत 1600 करोड रुपए की बंदर बांट किस-किस के बीच में हुई? क्या यही वजह है कि स्मार्ट सिटी का जिक्र तक संकल्प पत्र में नहीं है? और तो और स्मार्ट सिटी के अंतर्गत क्या-क्या काम देहरादून में हुए उनका जिक्र भी नहीं है और क्या गारंटी है कि एक बार भाजपा जनता के साथ वही छलावा दोबारा नहीं करेगी जो उसने पिछले 15 साल तक किया? गरिमा ने यह भी कहा कि क्या कारण है कि भारतीय जनता पार्टी को सभी निगमों में अपने महापौर प्रत्याशी बदलने पड़े यह सीधे तौर पर कांग्रेस के भ्रष्टाचार के आरोपों पर मोहर है।

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