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द्वारका हिट एंड रन: 17 साल के रईसजादे ने ली साहिल की जान, बोर्ड परीक्षा के नाम पर मिली बेल।

देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर रफ़्तार और रील के जानलेवा शौक ने एक हंसते-खेलते परिवार को कभी न भरने वाला जख्म दिया है। द्वारका इलाके में एक नाबालिग लड़के द्वारा स्टंट और रील बनाने के चक्कर में किए गए एक्सीडेंट ने 23 वर्षीय साहिल धनेश्रा की जान ले ली। साहिल अपनी मां का इकलौता सहारा था, जिसे एक रईसजादे की लापरवाही ने हमेशा के लिए छीन लिया।

खौफनाक था 3 फरवरी का वो मंजर

हादसा 3 फरवरी की रात करीब 11:57 बजे का है। लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज, द्वारका के पास चीख-पुकार मच गई जब एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने साहिल की मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मारी। टक्कर इतनी भीषण थी कि साहिल की बाइक पास से गुजर रही एक डिजायर कार से जा भिड़ी। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि गाड़ियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त थीं और साहिल बेसुध जमीन पर पड़ा था। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने साहिल को मृत घोषित कर दिया। हादसे में एक टैक्सी चालक अजीत सिंह भी घायल हुआ है।

‘सिंगल मदर’ के संघर्षों का दुखद अंत

मृतक साहिल की मां, इन्ना माकन की आपबीती सुनकर किसी का भी कलेजा कांप जाए। उन्होंने पिछले 23 सालों से एक सिंगल मदर के तौर पर अकेले संघर्ष करके अपने बेटे को पाल-पोसकर बड़ा किया था। जिस बेटे को उन्होंने बुढ़ापे की लाठी समझा था, उसे एक नाबालिग की चंद सेकंड की रील के शौक ने मौत की नींद सुला दिया। बिलखती मां अब दिल्ली की सड़कों पर इंसाफ की गुहार लगा रही है।

बोर्ड परीक्षा के नाम पर मिली जमानत

जांच में सामने आया कि स्कॉर्पियो चलाने वाला आरोपी महज 17 साल का नाबालिग है। उसे पकड़कर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया गया और ऑब्जर्वेशन होम भेजा गया। हालांकि, कानून की पेचीदगियों के चलते उसे 10 फरवरी को उसकी बोर्ड परीक्षा के आधार पर अंतरिम जमानत मिल गई। आरोपी बाहर है, लेकिन एक मां का बेटा हमेशा के लिए चला गया।

पुलिस फिलहाल सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और मामले की गहराई से जांच कर रही है। यह घटना समाज के लिए एक बड़ा सवाल छोड़ गई है कि आखिर कब तक रईसजादों के ये ‘फन’ आम लोगों की जान लेते रहेंगे?

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