कोटद्वार के चर्चित ‘मोहम्मद दीपक’ प्रकरण ने अब उत्तराखंड की राजनीति और सामाजिक गलियारों में एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। हरिद्वार प्रेस क्लब में आयोजित एक संयुक्त प्रेस वार्ता में विभिन्न सामाजिक और हिंदू संगठनों ने एक सुर में मोहम्मद दीपक को “कांग्रेस का एजेंट” करार देते हुए उसके सामाजिक बहिष्कार की घोषणा की है।
तुष्टिकरण और माहौल बिगाड़ने का आरोप
प्रेस वार्ता के दौरान सामाजिक संगठनों ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला। वक्ताओं का आरोप है कि कांग्रेस प्रदेश में ‘तुष्टिकरण की राजनीति’ कर रही है और मोहम्मद दीपक जैसे चेहरों का इस्तेमाल कर राज्य का सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। संगठनों का दावा है कि इस पूरे प्रकरण के पीछे गहरी राजनीतिक साजिश है।
14 फरवरी को कांग्रेस मुख्यालय का घेराव
विरोध की आग अब सड़कों पर उतरने वाली है। संगठनों ने ऐलान किया है कि वे 14 फरवरी को देहरादून स्थित कांग्रेस मुख्यालय का विशाल घेराव करेंगे। उनका कहना है कि यह प्रदर्शन कांग्रेस की “बांटो और राज करो” की नीति के खिलाफ एक निर्णायक जंग होगी।
संगठनों के प्रमुख बयान:
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भैरव सेवा (मोहित चौहान): “मोहम्मद दीपक को राष्ट्रीय स्तर पर फंडिंग मिल रही है। कांग्रेस और भीम आर्मी मिलकर प्रदेश का माहौल खराब करना चाहते हैं।”
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दलित आर्मी (नवीनेश्वर): “राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे मुद्दों को हवा दी जाती है, जबकि असली अपराधों और नाबालिगों के साथ होने वाली घटनाओं पर ये लोग मौन रहते हैं।”
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प्रजापति मंच (संगीता प्रजापति): “अगर स्थानीय समाज को किसी नाम या बाबा पर आपत्ति थी, तो कानून हाथ में लेने और मारपीट करने का अधिकार किसने दिया?”
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बजरंग दल (अमित मुल्तानिया): “यह राष्ट्रवाद विरोधी मानसिकता का परिणाम है। युवाओं की सोच पर इस हमले को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
प्रेस वार्ता में अंबेडकर महामंच के प्रवीण पेंगवाल सहित कई अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।