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हरियाणा के पानी के मुद्दे पर पंजाब सरकार सख्त, केंद्र से टकराव की स्थिति

नंगल:- हरियाणा की अतिरिक्त पानी की मांग को लेकर गत चार दिनों से जारी विवाद वीरवार को उस समय गंभीर रूप धारण कर गया जब मुख्यमंत्री भगवंत मान नंगल बांध के उस प्वाइंट पर पहुंच गए जहां से पानी रिलीज होना था। इस कारण हरियाणा को पानी नहीं छोड़ा गया। नंगल में जिस केंद्र से पानी रेगुलेट किया जाता है, मंत्री हरजोत बैंस ने वहां ताला लगा दिया और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है।

बीबीएमबी ने बुधवार को हरियाणा के लिए 8,500 क्यूसेक पानी जारी करने के आदेश दिए थे। हरियाणा को पानी जारी करने का बीबीएमबी का फैसला लागू नहीं करने पर अड़ने वाले डैम डायरेक्टर (वाटर रेगुलेशन) इंजीनियर आकाशदीप सिंह को हटा दिया गया है। देर शाम मुख्यमंत्री मान ने बैठक कर शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। पांच मई को पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र भी होगा। इसमें सरकार पानी पर प्रस्ताव ला सकती है।

दिनभर जिलों में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने भाजपा के खिलाफ प्रदर्शन किए। हरियाणा 8,500 क्यूसेक पानी मांग रहा है, जबकि पंजाब ने कहा कि पीने के लिए 4,000 क्यूसेक पानी दे रहा है। सर्वदलीय बैठक व विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने के लिए मान की अध्यक्षता में हुई बैठक में आप सुप्रीमो व दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने नंगल डैम पहुंचकर पानी की निकासी की स्थिति का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने बीबीएमबी अधिकारियों से बातचीत कर यह सुनिश्चित किया कि हरियाणा को केवल आवश्यकतानुसार ही पानी छोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘मैं इत्थे नक्का देखण आया हां’ यानि यह देखने आया हूं कि हरियाणा को तय मात्रा से अधिक पानी तो नहीं जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बीबीएमबी के हरियाणा को अतिरिक्त पानी छोड़ने के निर्णय को पंजाब के अधिकारों पर डाका बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब इस समय गंभीर जल संकट से गुजर रहा है, भूजल स्तर लगातार गिरता जा रहा है। नदियों तथा बांधों में पानी की मात्रा चिंताजनक स्तर पर है। ऐसे में राज्य सरकार को मजबूरन यह निर्णय लेना पड़ा है कि धान की बुआई को देखते हुए हरियाणा को केवल आवश्यक मात्रा में ही पानी दिया जाए। हरियाणा की जनता से पंजाब का कोई बैर नहीं है। यह पूरा विवाद भाजपा के राजनीतिक इशारे पर खड़ा किया जा रहा है। पंजाब को हरियाणा के लोगों की पूरी चिंता है। 21 मई तक हरियाणा को अतिरिक्त पानी नहीं देंगे। इसके बाद उसे अगली किस्त का पानी मिलेगा।

पंचकूला में हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री घटिया राजनीति पर उतर आए हैं। आज तक किसी ने पीने का पानी नहीं रोका। मान को गुरुओें से सीख लेनी चाहिए, जो किसी अजनबी का भी पानी पिलाकर स्वागत करते थे। हमें संतों से प्रेरणा लेकर काम करना चाहिए। ये घटिया राजनीति छोड़िए। पंजाब हमारा बड़ा भाई है। अगर पंजाब प्यासा रहा, तो हम अपने हिस्से का पानी काटकर पंजाब को दे देंगे।

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