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कोरोनेशन अस्पताल की सुधरेगी सूरत: डीएम ने मरम्मत के लिए मौके पर ही दिए ₹10 लाख।

देहरादून: राजधानी के स्वास्थ्य तंत्र को सुधारने के लिए जिलाधिकारी सवीन बंसल सोमवार को एक बार फिर ‘फुल एक्शन मोड’ में नजर आए। कोरोनेशन जिला अस्पताल के औचक निरीक्षण के दौरान डीएम ने न केवल अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई, बल्कि मरीजों की सहूलियत के लिए मौके पर ही कई बड़े फैसले लिए।

चंदन लैब पर गिरी गाज: अनुबंध के उल्लंघन पर पेमेंट रोकने के आदेश

निरीक्षण के दौरान डीएम बंसल जब ‘चंदन लैब’ पहुंचे, तो वहां बड़ी अनियमितता सामने आई।

  • लापरवाही: अनुबंध के अनुसार लैब को 24×7 सेवाएं देनी थीं, लेकिन लैब इंचार्ज रात में लिए गए सैंपल्स का विवरण नहीं दे पाईं।

  • सख्त एक्शन: डीएम ने पिछले 3 महीनों की रिपोर्ट तलब करते हुए निर्देश दिए कि यदि कार्य संतोषजनक नहीं मिला, तो लैब का आधा भुगतान रोक दिया जाए।

मरीजों को राहत: पैथोलॉजी का समय बढ़ा, OPD मरम्मत को ₹10 लाख

मरीजों की भारी भीड़ को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से सेंट्रल पैथोलॉजी का समय 1 घंटा बढ़ा दिया है। अब सुबह 11 बजे के बजाय दोपहर 12 बजे तक सैंपल लिए जाएंगे। इसके अलावा:

  • बजट स्वीकृत: अस्पताल की किचन, गायनी ओटी, वेयरहाउस और ओपीडी की मरम्मत के लिए मौके पर ही 10 लाख रुपये की स्वीकृति दी।

  • ब्लड बैंक डेडलाइन: निर्माणाधीन ब्लड बैंक को 15 मार्च तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए और इसके कार्यों का ‘थर्ड पार्टी ऑडिट’ कराने को कहा।

अनोखी पहल: मोबाइल छोड़ ‘किताबों’ से दोस्ती करेंगे बीमार बच्चे

बाल चिकित्सा वार्ड के निरीक्षण के दौरान डीएम ने एक संवेदनशील पहल की। उन्होंने निर्देश दिए कि वार्ड में भर्ती बच्चों को लाइब्रेरी से पुस्तकों, ड्राइंग कलर्स और खिलौने उपलब्ध कराए जाएं, ताकि अस्पताल के माहौल में बच्चों का ध्यान मोबाइल से हटकर रचनात्मकता की ओर लगे।

अन्य महत्वपूर्ण निर्देश और निरीक्षण:

  1. रेफरल केस की जांच: गायनी डॉक्टर न होने पर मरीजों को दूसरे अस्पताल भेजने की शिकायतों पर एसडीएम और सीएमओ को संयुक्त जांच रिपोर्ट देने को कहा।

  2. सफाई और खाना: इमरजेंसी और सामान्य वार्ड के निरीक्षण के दौरान मरीजों से खाने की गुणवत्ता पूछी और सफाई में लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी।

  3. पार्किंग: आटोमेटेड पार्किंग की सफलता पर संतोष जताया, जिससे अस्पताल में जाम की समस्या दूर हुई है।

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