उत्तराखंड में विभिन्न सरकारी विभागों में आउटसोर्स के माध्यम से तैनात उपनल (Uttarakhand Purv Sainik Kalyan Nigam Ltd) कर्मचारियों के लिए मंगलवार का दिन खुशियों की सौगात लेकर आया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर शासन ने ‘समान कार्य के लिए समान वेतन’ की मांग को स्वीकार करते हुए आधिकारिक शासनादेश (Government Order) जारी कर दिया है।
कैबिनेट के फैसले पर लगी अंतिम मुहर
सचिव सैनिक कल्याण, दीपेंद्र चौधरी द्वारा जारी इस शासनादेश के बाद अब प्रदेश के हजारों उपनल कर्मियों को उनके नियमित समकक्ष कर्मचारियों के न्यूनतम वेतनमान के बराबर मानदेय मिल सकेगा। गौरतलब है कि हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति बनी थी, जिसे अब धरातल पर उतार दिया गया है।
प्रमुख बदलाव और लाभ
इस शासनादेश के लागू होने से उपनल कर्मचारियों के वेतन ढांचे में व्यापक सुधार होगा:
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वेतन विसंगति का अंत: एक ही पद पर काम करने वाले नियमित और उपनल कर्मचारी के वेतन में जो बड़ा अंतर था, वह अब काफी हद तक कम हो जाएगा।
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आर्थिक सुरक्षा: महंगाई के इस दौर में हजारों परिवारों को अतिरिक्त आर्थिक संबल मिलेगा।
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समान सम्मान: ‘समान कार्य-समान वेतन’ लागू होने से कर्मचारियों के मनोबल में वृद्धि होगी।