Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home/u141101890/domains/uttaranchalratna.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 6260

‘इंसाफ मिलने तक पीछे नहीं हटेंगे’, गुलजार सिंह के बेटों ने पंजाब की जनता से की अपील

गुलजार सिंह की मौत का मामला अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले गुलजार सिंह की मौत को लेकर परिवार और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। मामला अब केवल आत्महत्या तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि परिवार और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की ओर से सरकार तथा पुलिस-प्रशासन की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। तक के परिवार ने प्रशासन और सरकार के सामने अपनी मांग स्पष्ट कर दी है। परिजनों का कहना है कि जब तक मामले में नामजद मुख्य आरोपियों और मंत्री के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे अस्थियां विसर्जित नहीं करेंगे और न ही भोग की रस्म अदा करेंगे।

परिवार का आरोप है कि गुलजार सिंह के अंतिम संस्कार में भी उनके साथ न्याय नहीं हुआ। उनकी पत्नी और तीनों बेटों ने आरोप लगाया कि उन्हें गुमराह कर जल्दबाजी में गुलजार सिंह का अंतिम संस्कार करवा दिया गया। परिजनों के मुताबिक, गुलजार सिंह ने मौत से पहले एक वीडियो बनाया था, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर उन लोगों के नाम और चेहरे सामने रखे थे, जिन्होंने मंत्री के सामने सवाल उठाने के बाद उन पर दबाव बनाया और उन्हें कथित तौर पर बेइज्जत किया। परिवार अब इस वीडियो में नामजद बताए जा रहे सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है। परिजनों का कहना है कि जब तक दोषियों पर कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी।

गुलजार सिंह के बेटों ने पंजाब की जनता से भी इस लड़ाई में साथ आने की अपील की है। उनका कहना है कि यह सिर्फ उनके पिता की मौत का मामला नहीं है, बल्कि पंजाब के उन तमाम परिवारों का दर्द है, जिनके बच्चे नशे की चपेट में आ चुके हैं। परिवार का कहना है कि गुलजार सिंह अपने इलाके में बिक रहे नशे के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। इसी वजह से उन्हें कथित तौर पर धमकियों और दबाव का सामना करना पड़ा। बेटों का कहना है कि वे अपने पिता के लिए इंसाफ की लड़ाई आखिरी दम तक लड़ेंगे। इसी बीच राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष किशोर मकवाना भी गांव तूरबंजारा पहुंचे और गुलजार सिंह के परिवार से मुलाकात की। उनके साथ शीतल अंगुराल और दामन बाजवा भी मौजूद रहे।

परिवार ने आयोग के अध्यक्ष को गांव में नशे की स्थिति और गुलजार सिंह की मौत से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी दी। इस दौरान किशोर मकवाना ने परिवार के मोबाइल फोन में मौजूद कथित डाइंग डिक्लेरेशन भी देखी। परिवार से मुलाकात के बाद किशोर मकवाना ने पंजाब सरकार और पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक परिवार का मामला नहीं है, बल्कि अनुसूचित जाति समाज के बीच सुरक्षा और भय से जुड़ा गंभीर विषय है। मकवाना ने आरोप लगाया कि पंजाब में अनुसूचित जाति समाज के लोग दबाव और डर के माहौल में जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या का असर बच्चों और युवाओं पर भी पड़ रहा है और इसे रोकने के लिए प्रशासन को सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

मकवाना के मुताबिक, गुलजार सिंह लगातार अपने इलाके में नशे के खिलाफ आवाज उठा रहे थे और उन्हें इसी वजह से कथित तौर पर धमकियां तथा प्रताड़ना झेलनी पड़ी। उन्होंने कहा कि गुलजार सिंह अपने परिवार के लिए अकेले कमाने वाले सहारे थे। किशोर मकवाना ने गुलजार सिंह के अंतिम संस्कार को लेकर भी गंभीर आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि दबाव बनाकर अंतिम संस्कार की रस्में जल्दबाजी और अधूरे तरीके से पूरी कराई गईं और परिवार के सदस्यों को श्मशान घाट तक जाने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि अगर किसी परिवार के सदस्य की मौत के बाद भी परिजनों को डराया-धमकाया जा रहा है, तो यह बेहद गंभीर स्थिति है। परिवार की ओर से पुलिस सुरक्षा की मांग किए जाने की बात भी सामने आई है।

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि आयोग इस मामले में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतेगा। उन्होंने कहा कि मामले में जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए। मकवाना ने यह भी कहा कि यदि मामले में शामिल कोई आरोपी विदेश भाग गया है, तो उसे भारत वापस लाने के लिए प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए। उन्होंने पीड़ित परिवार को चौबीसों घंटे सुरक्षा उपलब्ध कराने की जरूरत भी बताई। इसके साथ ही आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार के नियमों के तहत पीड़ित परिवार को मिलने वाली आर्थिक सहायता भी जल्द उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि आयोग इस पूरे मामले पर नजर रखेगा और परिवार को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। गुलजार सिंह की मौत के बाद अब परिवार की मांग कार्रवाई और सुरक्षा पर केंद्रित है। वहीं राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के हस्तक्षेप के बाद इस मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी गंभीर रूप ले लिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *