
उत्तराखंड में मौसम इन दिनों दोहरा रूप दिखा रहा है। एक ओर पहाड़ी जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है, तो वहीं दूसरी ओर मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। मौसम विभाग ने 21 मई के लिए कई जिलों में बारिश, गर्जना और आकाशीय बिजली को लेकर अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने भी स्थिति को देखते हुए सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग के अनुसार 21 मई को रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में बारिश होने के आसार हैं। इसके साथ ही इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने गर्जना और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
वहीं दूसरी तरफ मैदानी जिलों में गर्मी लगातार कहर बरपा रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। देहरादून, हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जैसे जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचने की संभावना जताई गई है। देहरादून के जिलाधिकारी Savin Bansal ने भीषण गर्मी को देखते हुए सभी विभागों को समन्वित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल, शिक्षा, नगर निकाय और आपदा प्रबंधन विभागों को अलर्ट मोड पर रहने को कहा है। साथ ही आम जनता को लू और डिहाइड्रेशन से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार देहरादून शहर, जॉली ग्रांट और डोईवाला क्षेत्रों में तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। प्रशासन ने सार्वजनिक स्थानों, बाजारों, बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर पेयजल और छायादार स्थलों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जरूरत पड़ने पर वाटर टैंकर और अस्थायी शेड भी लगाए जाएंगे। जिला प्रशासन ने जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC) को 24×7 सक्रिय रखने का फैसला लिया है। स्वास्थ्य विभाग को सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में ORS, IV फ्लूड और जरूरी दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं। लू और गर्मी से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए विशेष चिकित्सा सुविधाएं तैयार रखने को कहा गया है।
शिक्षा विभाग को भी मौसम की स्थिति को देखते हुए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों के समय में बदलाव और जरूरत पड़ने पर छुट्टियों को लेकर निर्णय लेने की बात कही गई है। आंगनवाड़ी केंद्रों और स्कूलों में बच्चों के लिए पीने के पानी और प्राथमिक उपचार की सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। इसके अलावा आशा कार्यकर्ताओं और आंगनवाड़ी कर्मचारियों को बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों और गंभीर रूप से बीमार लोगों की निगरानी करने को कहा गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि तेज धूप में बाहर निकलने से बचें और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।