Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home/u141101890/domains/uttaranchalratna.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 6170

कांग्रेस की अंदरूनी कलह पर भाजपा की नजर, केवल सिंह ढिल्लों बोले- सबका स्वागत

पंजाब विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले कांग्रेस में एक बार फिर अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने प्रदेश नेतृत्व को लेकर कांग्रेस हाईकमान के फैसले पर असहमति जताते हुए अपनी नाराजगी सार्वजनिक कर दी है। इस घटनाक्रम ने न केवल कांग्रेस के भीतर जारी गुटबाजी को उजागर किया है, बल्कि चुनाव से पहले पार्टी के सामने एक नया राजनीतिक संकट भी खड़ा कर दिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि यह विवाद जल्द नहीं सुलझा तो इसका सीधा असर आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन पर पड़ सकता है।

वर्ष 2021 में कांग्रेस नेतृत्व ने तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाकर दलित चेहरे के रूप में चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाया था। उस समय यह फैसला राहुल गांधी और कांग्रेस हाईकमान की रणनीति का अहम हिस्सा माना गया था। लेकिन अब वही चन्नी हाईकमान के हालिया फैसलों से असंतुष्ट दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कई विधायकों, पूर्व मंत्रियों, पूर्व विधायकों और पार्टी नेताओं के साथ बैठक कर अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया, जिसे हाईकमान पर दबाव बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि इस शक्ति प्रदर्शन में पार्टी के सभी बड़े नेताओं की मौजूदगी नहीं रही, जिससे यह भी संकेत मिला कि कांग्रेस के भीतर अभी भी अलग-अलग गुट सक्रिय हैं।

इसी बीच पंजाब की राजनीति में उस समय और हलचल मच गई जब सांसद और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस मुलाकात के समय को लेकर कई तरह की राजनीतिक अटकलें लगाई जाने लगीं। हालांकि रंधावा ने साफ किया कि इस मुलाकात का कांग्रेस छोड़ने या किसी राजनीतिक बदलाव से कोई संबंध नहीं है। बावजूद इसके, विपक्ष और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच इस मुलाकात को लेकर चर्चाएं लगातार जारी हैं।

दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी भी कांग्रेस की इस अंदरूनी खींचतान पर पूरी नजर बनाए हुए है। पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने साफ शब्दों में कहा कि भाजपा एक बड़ा राजनीतिक परिवार है और पार्टी में आने वाले हर नेता का स्वागत किया जाएगा। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि कांग्रेस के कुछ असंतुष्ट नेता भाजपा के संपर्क में हैं। हालांकि इस संबंध में किसी भी नेता ने सार्वजनिक रूप से कोई पुष्टि नहीं की है। भाजपा पिछले कुछ वर्षों से पंजाब में अपना संगठन मजबूत करने और राजनीतिक आधार बढ़ाने की कोशिश कर रही है, ऐसे में कांग्रेस की आंतरिक कलह को वह अपने लिए अवसर के रूप में देख रही है।

सूत्रों के अनुसार भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं, जिनमें राज्यसभा सदस्य तरुण चुघ, केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ और कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा शामिल हैं, कांग्रेस के कई नेताओं के संपर्क में बताए जा रहे हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि कांग्रेस में असंतोष और बढ़ता है तो भाजपा इस स्थिति का चुनावी लाभ उठाने का प्रयास कर सकती है।

कांग्रेस हाईकमान ने हाल ही में पंजाब के वरिष्ठ नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें कर नेतृत्व परिवर्तन न करने के अपने फैसले पर सहमति बनाने की कोशिश की थी। इसके बावजूद चन्नी गुट की नाराजगी सामने आने से स्पष्ट है कि पार्टी के भीतर मतभेद पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। अब सभी की नजर कांग्रेस नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी हुई है। यदि हाईकमान अपने फैसले पर कायम रहता है तो चन्नी समर्थक आगे कोई बड़ा राजनीतिक फैसला ले सकते हैं, जिससे पंजाब की राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं।

इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और एससी विंग के अध्यक्ष कुलदीप वैद ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी नेता को हाईकमान के फैसले पर आपत्ति थी तो उसे पार्टी के अंदर अपनी बात रखनी चाहिए थी, न कि सार्वजनिक शक्ति प्रदर्शन करना चाहिए। उनके अनुसार कांग्रेस नेतृत्व पूरी स्थिति से अवगत है और दबाव की राजनीति के आगे झुकने वाला नहीं है। उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी हाईकमान संगठनात्मक अनुशासन और एकजुटता बनाए रखने के लिए उचित निर्णय लेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *