Read Time:3 Minute, 59 Second
30 जुलाई से शुरू होने जा रहे कांवड़ मेले को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस ने इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पहले से कहीं अधिक हाईटेक बनाने का फैसला किया है। पहली बार मेले में साइबर कमांडो की तैनाती की जा रही है, जो सोशल मीडिया पर चौबीसों घंटे निगरानी रखेंगे। इनका मुख्य उद्देश्य एआई के जरिए तैयार किए गए भ्रामक वीडियो, फर्जी खबरों, अफवाहों और भड़काऊ पोस्ट पर तुरंत कार्रवाई करना होगा। 29 जुलाई से साइबर कमांडो अपनी जिम्मेदारी संभाल लेंगे। फिलहाल दस प्रशिक्षित साइबर कमांडो हरिद्वार पहुंच रहे हैं, जिन्हें आईआईटी सहित प्रतिष्ठित संस्थानों में विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। उत्तराखंड पुलिस का मानना है कि बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहें कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन सकती हैं। इसी कारण मेला कंट्रोल रूम में विशेष साइबर सेल बनाई गई है, जहां से फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। किसी भी फर्जी, भड़काऊ या समाज में तनाव फैलाने वाली पोस्ट की पहचान होते ही उसे हटाने की प्रक्रिया शुरू कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि साइबर कमांडो इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के सहयोग से तैनात किए जा रहे हैं।
उनकी टीम साइबर पुलिस के साथ मिलकर साइबर फ्रॉड, फर्जी अकाउंट, एआई आधारित फेक वीडियो और अफवाह फैलाने वाले नेटवर्क पर नजर रखेगी। यदि कोई व्यक्ति धार्मिक माहौल बिगाड़ने या लोगों को गुमराह करने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि हाल के वर्षों में सोशल मीडिया के जरिए गलत सूचनाएं तेजी से फैलने लगी हैं। ऐसे में इस बार सिर्फ सड़कों और घाटों की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण होगी। प्रशासन चाहता है कि श्रद्धालुओं तक केवल सही और प्रमाणित जानकारी पहुंचे तथा किसी भी अफवाह से कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो। इस वर्ष कांवड़ मेले में करीब पांच करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इतनी बड़ी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। करीब 6,000 पुलिसकर्मी, 13 कंपनियां अर्द्धसैनिक बल, पीएसी, डॉग स्क्वॉड, बम निरोधक दस्ता (BDS), ड्रोन कैमरे और हजारों सीसीटीवी कैमरों की मदद से पूरे मेले की निगरानी की जाएगी। पुलिस प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और शांतिपूर्ण कांवड़ यात्रा सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।