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देहरादून/ऊधम सिंह नगर:- उत्तराखंड सरकार कुमाऊं मंडल में स्वास्थ्य और आयुष क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। ऊधम सिंह नगर के किच्छा में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) की स्थापना को लेकर प्रक्रिया तेज हो गई है। इस संबंध में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने नई दिल्ली में आयुष मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर राज्य के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने केंद्र सरकार से उत्तराखंड के प्रस्ताव को प्राथमिकता देते हुए संस्थान की स्थापना के लिए सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा की समृद्ध विरासत वाला राज्य है, जबकि ऋषिकेश पहले से ही विश्वभर में योग राजधानी के रूप में अपनी अलग पहचान रखता है।
संस्थान के लिए उपयुक्त भूमि पहले ही चिन्हित
मुख्य सचिव ने जानकारी दी कि राज्य सरकार ने किच्छा में संस्थान के लिए सभी निर्धारित मानकों के अनुरूप विवाद रहित और उपयुक्त भूमि का चयन कर प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया है। प्रस्तावित स्थान सड़क, रेल और अन्य संपर्क सुविधाओं से जुड़ा हुआ है, जिससे भविष्य में संस्थान को राष्ट्रीय स्तर का चिकित्सा केंद्र विकसित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि प्रस्तावित परिसर एम्स के प्रस्तावित सैटेलाइट सेंटर के निकट स्थित है। इससे आधुनिक चिकित्सा और आयुष पद्धति को एक साथ विकसित करने की दिशा में बेहतर संभावनाएं तैयार होंगी।
सरकार ने आधारभूत सुविधाओं का दिया भरोसा
मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार इस परियोजना के लिए भूमि, सड़क, बिजली, पेयजल, ड्रेनेज और अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने आयुष मंत्रालय से जल्द स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया।
चिकित्सा शिक्षा और मेडिकल टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा
राज्य सरकार का मानना है कि किच्छा में AIIA की स्थापना होने से आयुर्वेद शिक्षा, अनुसंधान, उपचार और चिकित्सा पर्यटन को नई गति मिलेगी। साथ ही उत्तराखंड देश में आयुष आधारित स्वास्थ्य सेवाओं और समेकित चिकित्सा के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान को और मजबूत कर सकेगा।