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केदारनाथ यात्रा मार्ग पर बड़ा खतरा, बादल फटने से गिरे बोल्डर और मलबा

उत्तराखंड में मौसम का मिजाज लगातार बिगड़ा हुआ है। पहाड़ी इलाकों में बारिश के बीच रुद्रप्रयाग जिले से बड़ी खबर सामने आई है। यहां तड़के चिरबासा हेलीपैड के पास बादल फटने के बाद भारी लैंडस्लाइड हुआ। बताया जा रहा है कि बादल फटने की घटना के बाद करीब 150 मीटर के क्षेत्र में मलबा और बोल्डर सड़क की ओर आ गए। पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने के कारण इलाके में आवाजाही को लेकर भी खतरा बढ़ गया। भूस्खलन और बोल्डर गिरने की स्थिति को देखते हुए केदारनाथ यात्रा को कुछ समय के लिए रोक दिया गया था। प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से स्थिति पर नजर रखी गई और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई। आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार के अनुसार, फिलहाल घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालात का जायजा लेने के बाद यात्रियों की आवाजाही फिर से शुरू कर दी गई है। हालांकि, सुरक्षा को देखते हुए घोड़े-खच्चरों की आवाजाही पर अभी रोक लगाई गई है। प्रशासन की ओर से हालात सामान्य होने तक सतर्कता बरतने पर जोर दिया जा रहा है। चिरबासा हेलीपैड के आसपास पहाड़ी से लगातार बोल्डर गिरने की वजह से खतरा बना हुआ है। ऐसे में यात्रियों और स्थानीय लोगों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा आने की घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं। खासकर चारधाम यात्रा मार्गों पर मौसम खराब होने के कारण प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है। मौसम विभाग ने आज उत्तराखंड के सभी जिलों में गरज के साथ बारिश होने की संभावना जताई है। इसे देखते हुए प्रदेश में येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की आशंका है। इन क्षेत्रों में मौसम को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

चारधाम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहाड़ी मार्गों से गुजर रहे हैं। ऐसे में अचानक होने वाली तेज बारिश, भूस्खलन और बोल्डर गिरने की घटनाएं यात्रियों के लिए परेशानी खड़ी कर सकती हैं। प्रशासन की ओर से यात्रा मार्गों की निगरानी की जा र ही है। मौसम की स्थिति और सड़क की सुरक्षा को देखते हुए जरूरत पड़ने पर आवाजाही को अस्थायी रूप से रोका जा सकता है। फिलहाल चिरबासा क्षेत्र में यात्रियों की आवाजाही शुरू हो चुकी है, लेकिन घोड़े-खच्चरों पर रोक जारी है। प्रशासन की नजर स्थिति पर बनी हुई है। उत्तराखंड में अगले कुछ समय तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को मौसम की जानकारी लेकर ही सफर करने की सलाह दी जा रही है।

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