Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home/u141101890/domains/uttaranchalratna.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 6170

खड़गे के बयान पर नड्डा ने जताई नाराजगी, कहा- असंसदीय भाषा का प्रयोग

संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में छात्र प्रदर्शन और कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पेलेट लगने से छात्रों के घायल होने और कुछ की आंखों की रोशनी जाने की खबरों ने पूरे विपक्ष को शर्मिंदा किया है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि क्या उसे भी इन घटनाओं पर उतनी ही चिंता और शर्म महसूस होती है। अपने संबोधन के दौरान खड़गे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि आज भले ही सत्ता में बैठे लोग एयर कंडीशनर वाले कमरों में बैठे हों, लेकिन एक दिन जनता, छात्र, महिलाएं और आम लोग उन्हें उन कमरों से बाहर आने पर मजबूर कर देंगे। उनके इस बयान के बाद राज्यसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। खड़गे के बयान पर सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष ने असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया है और उन्हें भाषण देते समय संयम बनाए रखना चाहिए। नड्डा ने कहा कि संसद की गरिमा बनाए रखना सभी सदस्यों की सामूहिक जिम्मेदारी है। बढ़ते विवाद के बीच मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने बयान पर सफाई भी दी। उन्होंने कहा कि उनका “AC कमरों से बाहर खींच लाएंगे” वाला बयान किसी व्यक्तिगत धमकी के रूप में नहीं था। उनका आशय यह था कि छात्रों, महिलाओं और आम जनता की लोकतांत्रिक ताकत इतनी मजबूत होती है कि अंततः सत्ता में बैठे लोगों को जनता के बीच आना ही पड़ता है।

खड़गे ने छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने सवाल उठाया कि बिहार में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर AK-47 का इस्तेमाल क्यों किया गया और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ इतनी सख्त कार्रवाई की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने पूरे मामले की जवाबदेही तय करने की मांग की। कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का भी जिक्र करते हुए कहा कि जब विपक्ष उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है और पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तब ऐसे समय में संसद परिसर में उनका स्वागत “युद्ध के नायक” की तरह किया जाना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने सरकार से पूरे मामले पर विस्तृत जवाब देने और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशील रुख अपनाने की मांग की। राज्यसभा में इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लंबे समय तक तीखी बहस और हंगामा जारी रहा। छात्र आंदोलन, पुलिस कार्रवाई और सरकार की जवाबदेही को लेकर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर जमकर आरोप-प्रत्यारोप लगाए, जिससे सदन का माहौल काफी गर्म रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *