
हरिद्वार। टिहरी जिले के बहुचर्चित केतन हत्याकांड को लेकर शनिवार को हरिद्वार में उस समय माहौल गर्मा गया, जब खानपुर विधायक उमेश कुमार और उत्तर प्रदेश के नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद अपने समर्थकों के साथ टिहरी के लिए रवाना हुए। हालांकि प्रशासन ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए उनके काफिले को हरिद्वार में ही रोक दिया। पुलिस और नेताओं के समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके चलते कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
जानकारी के अनुसार सबसे पहले पुलिस ने शंकराचार्य चौक पर विधायक उमेश कुमार और सांसद चंद्रशेखर आजाद के काफिले को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद दोनों नेताओं ने अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ पैदल ही आगे बढ़ने का प्रयास किया। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और सीआरपीएफ के जवान मौके पर तैनात रहे।
जब दोनों नेता सीसीआर के पास पहुंचे तो पुलिस ने एक बार फिर उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इस दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। सांसद चंद्रशेखर आजाद ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, उनके कपड़े फाड़ दिए और कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज भी किया। वहीं पुलिस अधिकारियों ने नेताओं से बातचीत कर उन्हें टिहरी नहीं जाने देने का निर्णय दोहराया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का हवाला दिया।
काफी देर तक चले वार्ता और विरोध-प्रदर्शन के बाद विधायक उमेश कुमार और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने अपना टिहरी दौरा फिलहाल स्थगित करने का फैसला लिया। दोनों नेताओं ने कहा कि वे पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग लगातार उठाते रहेंगे और मामले को लेकर आगे भी अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
गौरतलब है कि टिहरी जिले के लंबगांव क्षेत्र में 7 और 8 जून की दरमियानी रात 18 वर्षीय केतन लाल की कथित तौर पर बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि प्रेम प्रसंग के चलते युवती के परिजनों ने केतन को बुलाकर लाठी-डंडों से हमला किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी केतन के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिलने की पुष्टि हुई थी। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया और पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग लगातार उठ रही है।