
उत्तराखंड में अब गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मई महीने में ही प्रदेश के मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी जिलों तक तापमान तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने राज्य में 22 मई तक हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। बढ़ती गर्मी को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने और दोपहर के समय बिना जरूरत घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार 20 मई को उत्तराखंड में भीषण गर्मी का असर देखने को मिलेगा। देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी और ऊधम सिंह नगर जैसे मैदानी जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है। तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते दिन के समय बाहर निकलना मुश्किल हो सकता है। सुबह से ही तेज धूप लोगों को परेशान करेगी, जबकि दोपहर में हीटवेव का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल सकता है।
इस बार गर्मी का असर केवल मैदानी इलाकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पहाड़ी जिलों में भी तापमान तेजी से बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार नैनीताल और पौड़ी गढ़वाल में तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। वहीं टिहरी गढ़वाल, अल्मोड़ा, चंपावत और चमोली जैसे इलाकों में भी तापमान 30 से 35 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है। आमतौर पर ठंडे रहने वाले इन क्षेत्रों में भी लोगों को गर्मी से राहत मिलने के आसार कम नजर आ रहे हैं।
प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलों के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है। सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही पेयजल आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन को तैयार रहने को कहा गया है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
विशेषज्ञों का कहना है कि हीटवेव केवल असुविधा नहीं बल्कि गंभीर स्वास्थ्य संकट भी बन सकती है। खासकर बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग इसकी चपेट में जल्दी आ सकते हैं। तेज गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, उल्टी, चक्कर और कमजोरी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं। डॉक्टरों ने लोगों को अधिक से अधिक पानी पीने, शरीर को हाइड्रेटेड रखने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि दोपहर के समय धूप में बाहर निकलने से बचें। अगर बहुत जरूरी काम हो तभी घर से बाहर जाएं और सिर को कपड़े या टोपी से ढककर रखें। बाहर निकलते समय पानी की बोतल साथ रखें और समय-समय पर तरल पदार्थों का सेवन करते रहें। अगर किसी व्यक्ति को तेज सिरदर्द, उल्टी, चक्कर या बेहोशी जैसी समस्या महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, क्योंकि ये हीट स्ट्रोक के संकेत हो सकते हैं।