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देहरादून: उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता के चलते बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों में बारिश होने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन और सड़कें क्षतिग्रस्त होने के कारण आवाजाही में दिक्कतें आ रही हैं। वहीं, चमोली की नीति घाटी में आपदा के बाद राहत और बचाव अभियान जारी है।
Uttarakhand Weather Update 12 August 2026
लगातार बारिश के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में कई जगह भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। देहरादून-मसूरी मार्ग पर कोल्हूखेत के पास सड़क क्षतिग्रस्त होने से यातायात प्रभावित हुआ है। ऐसे में पहाड़ी रास्तों पर सफर करने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मैदानी क्षेत्रों में भी बारिश का दौर बना हुआ है और मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है।
7 जिलों में बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून, टिहरी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज के साथ बौछारें पड़ने की भी संभावना है। पर्वतीय जिलों में कुछ स्थानों पर तेज से अति तेज बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं। साथ ही आकाशीय बिजली चमकने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने टिहरी और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।
शुक्रवार को बहुत भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक उत्तराखंड में मौसम का मिजाज इसी तरह बना रह सकता है। खास तौर पर शुक्रवार को प्रदेश में बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। बारिश के कारण संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखने की जरूरत है।
उत्तराखंड के प्रमुख शहरों का तापमान
मंगलवार को प्रदेश के प्रमुख शहरों में तापमान इस प्रकार दर्ज किया गया:
- देहरादून: अधिकतम 29.2°C, न्यूनतम 23.9°C
- पंतनगर: अधिकतम 33.0°C, न्यूनतम 25.8°C
- मुक्तेश्वर: अधिकतम 19.3°C, न्यूनतम 16.3°C
- नई टिहरी: अधिकतम 22.4°C, न्यूनतम 15.6°C
नीति घाटी में राहत और बचाव अभियान जारी
चमोली की नीति घाटी में आपदा के बाद राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं। क्षेत्र के प्रमुख मार्गों को नुकसान पहुंचने के कारण स्थानीय लोगों की मुश्किलें बनी हुई हैं। प्रशासन और संबंधित विभाग प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति सामान्य करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। लगातार बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए लोगों से मौसम की स्थिति पर नजर रखने और बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करने की अपील की गई है।