उत्तराखंड सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने बुधवार को यमुना कॉलोनी स्थित कैंप कार्यालय में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एकल महिला स्वरोजगार योजना के तहत चयनित 211 महिलाओं को जल्द से जल्द धनराशि जारी की जाए, ताकि वे अपना स्वरोजगार शुरू कर सकें।
बैठक के बाद मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत अब तक 484 एकल महिलाओं को प्रथम किस्त की धनराशि जारी की जा चुकी है। इनमें से अधिकांश महिलाओं ने विभिन्न क्षेत्रों में अपना रोजगार शुरू कर लिया है और आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने कहा कि शेष 211 चयनित महिलाओं को भी बहुत जल्द राशि वितरित करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एकल महिला स्वरोजगार योजना के नए आवेदनों की प्रक्रिया अगस्त माह तक शुरू कर दी जाए। सरकार ने इस वर्ष लगभग 2000 महिलाओं को योजना का लाभ देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए व्यापक स्तर पर आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक पात्र महिलाएं योजना से जुड़ सकें।
बैठक में महिला दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। रेखा आर्या ने बताया कि आगामी 8 अगस्त को आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रतिष्ठित तीलू रौतेली पुरस्कार तथा आंगनबाड़ी सम्मान पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इन पुरस्कारों के लिए विज्ञप्ति जारी की जा चुकी है और अधिकारियों को चयन प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा मंत्री ने नंदा गौरा योजना के अंतर्गत लाभार्थी बालिकाओं को धनराशि वितरण की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हरिद्वार और उत्तरकाशी जिलों की 4000 से अधिक बालिकाएं तकनीकी एवं औपचारिक प्रक्रियाएं समय पर पूरी न होने के कारण अब तक योजना की राशि प्राप्त नहीं कर सकी थीं। इन सभी पात्र बालिकाओं के खातों में गुरुवार को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 19 करोड़ 22 लाख 78 हजार रुपये की धनराशि भेजी जाएगी।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और बालिकाओं के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी पात्र लाभार्थियों को समय पर योजनाओं का लाभ मिल सके।