
उत्तराखंड की पावन धार्मिक यात्राओं में शामिल विश्व प्रसिद्ध Hemkund Sahib यात्रा का शुभारंभ आज 20 मई 2026 से विधिवत रूप से हो गया। ऋषिकेश के लक्ष्मण झूला मार्ग स्थित गुरुद्वारा परिसर से पहले जत्थे को रवाना किया गया। यात्रा के शुभारंभ अवसर पर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला और पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। यात्रा का शुभारंभ दिल्ली के उपराज्यपाल Tarunjit Singh Sandhu द्वारा पंज प्यारों के नेतृत्व में पहले जत्थे को रवाना करने के साथ हुआ। इस दौरान “जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल” के जयकारों से पूरा गुरुद्वारा परिसर गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और उत्साह के साथ यात्रा में भाग लिया।
इस खास अवसर पर गुरुद्वारा परिसर और दरबार हॉल को फूलों, विद्युत रोशनी और आकर्षक सजावटी सामग्री से भव्य रूप से सजाया गया था। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु गुरुद्वारा पहुंचने लगे थे। संगत के स्वागत और यात्रा की तैयारियों को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए थे। कार्यक्रम के दौरान रागी जत्थों और गुरमत संगीत बाल विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा गुरबाणी कीर्तन प्रस्तुत किया गया, जिसने माहौल को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया। श्रद्धालु कीर्तन और अरदास में भावविभोर नजर आए। यात्रा रवाना होने से पहले विशेष अरदास भी की गई।
इस अवसर पर सिख समुदाय के 8 वर्षीय जीनियस मास्टर रणवीर सिंह सचदेवा को उनकी विशेष उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मौजूद संगत ने उनकी प्रतिभा की सराहना करते हुए जोरदार तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया। पहला जत्था पंज प्यारों की अगुवाई में पुष्पवर्षा, बैंड-बाजों और धार्मिक जयकारों के बीच रवाना हुआ। श्रद्धालुओं में यात्रा को लेकर गहरा उत्साह दिखाई दिया। बड़ी संख्या में लोग यात्रियों को विदा करने के लिए गुरुद्वारा परिसर पहुंचे थे।
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने संगत को संबोधित करते हुए सिख धर्म की महान परंपराओं और हेमकुंड साहिब यात्रा के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने श्रद्धालुओं से यात्रा की गरिमा बनाए रखने और अनुशासन का पालन करने की अपील की। उन्होंने सभी यात्रियों की सुखद, सुरक्षित और निर्विघ्न यात्रा की कामना करते हुए गुरु महाराज के समक्ष अरदास भी की। कार्यक्रम के बाद उपराज्यपाल ने लंगर हॉल में संगत के साथ लंगर प्रसाद ग्रहण किया।