Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home/u141101890/domains/uttaranchalratna.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 6260

हरिद्वार में दो साधुओं की हत्या से सनसनी, CCTV बंद कर दिया वारदात को अंजाम

हरिद्वार। उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के पथरी क्षेत्र स्थित शिवगढ़ गांव में दो साधुओं की हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। प्रारंभिक जांच और आरोपियों से पूछताछ में सामने आया है कि इस दोहरे हत्याकांड की वजह मंदिर की गद्दी (उत्तराधिकार) को लेकर चला विवाद था। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश लगातार जारी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि कुछ दिन पहले शिवगढ़ गांव स्थित शिव मंदिर परिसर से दो साधुओं के शव जमीन में दबे हुए बरामद किए गए थे। मृतकों की पहचान मुजफ्फरनगर के शुक्रताल निवासी पारस गिरी और सेवा गिरी के रूप में हुई थी। इस घटना के सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी और पुलिस ने तत्काल विशेष जांच टीम (SIT) गठित कर मामले की जांच शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस ने कई तकनीकी और भौतिक साक्ष्य जुटाए। इसके बाद काठा पीर के जंगल क्षेत्र से तीन आरोपियों अंकुर उर्फ अखिल गिरी, आशु और राममिलन (निवासी इस्माईलपुर, लक्सर) को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किए गए एक धारदार हथियार (पाठल) और दो फावड़े भी बरामद किए गए हैं। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि घटना वाली रात पारस गिरी ने सेवा गिरी को शिव मंदिर की गद्दी का उत्तराधिकारी घोषित किया था। इसी निर्णय से नाराज होकर आरोपियों ने हत्या की साजिश रची। सबसे पहले मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों को बंद किया गया ताकि वारदात रिकॉर्ड न हो सके। इसके बाद सेवा गिरी की धारदार हथियार से हत्या की गई और जब पारस गिरी ने विरोध किया तो उन्हें भी मौत के घाट उतार दिया गया।

वारदात को छिपाने के लिए आरोपियों ने मंदिर परिसर में गड्ढा खोदकर दोनों शवों को दफना दिया। पुलिस का कहना है कि हत्या के बाद किसी को घटना की भनक न लगे, इसलिए पूरे घटनाक्रम को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। जांच में यह भी सामने आया कि मंदिर में मौजूद उत्तम झा नामक व्यक्ति को आरोपियों ने धमकाया। उसका मोबाइल फोन और सिम कार्ड तोड़ दिया गया तथा उसे घटना की जानकारी किसी को न देने और तत्काल वहां से चले जाने की चेतावनी दी गई। एसएसपी नवनीत सिंह ने बताया कि इस दोहरे हत्याकांड में शामिल चौथा आरोपी अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर पूरे मामले का चार्जशीट के साथ खुलासा किया जाएगा। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *