
भारत निर्वाचन आयोग की तीन सदस्यीय टीम सोमवार को उत्तरकाशी पहुंची, जहां जिला मुख्यालय में अधिकारियों के साथ विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) कार्यक्रम की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य निर्वाचन प्रक्रिया की प्रगति का आकलन करना और यह सुनिश्चित करना था कि आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाई जा सके। आयोग ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया की सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में से एक है।
समीक्षा बैठक में भारत निर्वाचन आयोग के अनुभाग अधिकारी ललित मोहन, सहायक अनुभाग अधिकारी योगेश कांडा तथा विधिक शोधकर्ता सृष्टि सर्राफ ने हिस्सा लिया। टीम ने जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ पुनरीक्षण अभियान के तकनीकी, प्रशासनिक और विधिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। अधिकारियों से मतदाता सूची के अद्यतन कार्य की प्रगति, डिजिटाइजेशन और फील्ड स्तर पर चल रहे सत्यापन अभियान की जानकारी भी प्राप्त की गई।
निर्वाचन आयोग की टीम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और सतर्कता के साथ पूरा किया जाए। आयोग ने कहा कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से छूटना नहीं चाहिए और सभी दावों एवं आपत्तियों का समयबद्ध और निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी मुक्ता मिश्र ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से आयोग को जनपद में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की प्रगति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि उत्तरकाशी जिले की तीनों विधानसभा सीटों के अंतर्गत आने वाले 214 पोलिंग बूथों पर डिजिटाइजेशन का कार्य तेजी से चल रहा है और अब तक कुल 94.97 प्रतिशत डिजिटाइजेशन पूरा किया जा चुका है। शेष कार्य भी निर्धारित समय के भीतर पूरा करने के लिए संबंधित टीमों को निर्देशित किया गया है।
निर्वाचन आयोग ने अधिकारियों से कहा कि मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी, सटीक और विश्वसनीय बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग किया जाए। साथ ही फील्ड स्तर पर बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के माध्यम से सत्यापन अभियान को और मजबूत बनाया जाए, ताकि पात्र मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
आयोग की टीम ने पुनरीक्षण अभियान की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए शुद्ध और अद्यतन मतदाता सूची अत्यंत आवश्यक है। बैठक के अंत में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अभियान के दौरान प्राप्त सभी आवेदनों का समय पर निस्तारण करते हुए निर्वाचन प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाया जाए।