Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home/u141101890/domains/uttaranchalratna.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 6170

700 करोड़ से ज्यादा की रेल परियोजनाओं पर लगा ब्रेक

जाब में रेलवे की चार महत्वपूर्ण नई रेल लाइन परियोजनाएं लंबे समय से अटकी हुई हैं। इन परियोजनाओं का निर्माण इसलिए शुरू नहीं हो पा रहा क्योंकि इनके लिए आवश्यक जमीन अभी तक पंजाब सरकार की ओर से रेलवे को हस्तांतरित नहीं की गई है। रेलवे के नियमों के अनुसार इन परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार को जमीन निशुल्क उपलब्ध करानी है, लेकिन कई जगह भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी है। ऐसे में करोड़ों रुपये की लागत वाली ये परियोजनाएं फिलहाल कागजों तक सीमित हैं और इनके पूरा होने में अभी लंबा समय लग सकता है। इन चारों रेल परियोजनाओं के शुरू होने से पंजाब की रेल कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है। नए रेल मार्ग बनने से कई जिलों को सीधे रेल नेटवर्क से जोड़ा जा सकेगा। इससे यात्रियों की यात्रा आसान होगी, माल ढुलाई की लागत और समय में कमी आएगी तथा उद्योग, व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। सीमावर्ती और ग्रामीण क्षेत्रों को भी इसका सीधा लाभ मिलने की संभावना है।

पूर्व केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने बताया कि केंद्र सरकार ने हाल ही में पंजाब सरकार को पत्र लिखकर लंबित भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को जल्द पूरा करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि जमीन उपलब्ध होने के बाद ही रेलवे इन परियोजनाओं पर निर्माण कार्य शुरू कर सकेगा। अलाल-हिम्मताना कॉर्ड लाइन परियोजना मालवा क्षेत्र की महत्वपूर्ण योजना है। करीब 12.52 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन पर लगभग 174 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। इसके लिए करीब 20 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता है, लेकिन भूमि अधिग्रहण पूरा न होने के कारण काम शुरू नहीं हो पाया है। इस लाइन के बनने से धुरी, मालेरकोटला और संगरूर क्षेत्र के बीच एक शॉर्टकट रेल मार्ग तैयार होगा, जिससे कई ट्रेनों को लंबा रास्ता तय नहीं करना पड़ेगा। इससे यात्रियों के साथ-साथ मालगाड़ियों का समय भी बचेगा। फिरोजपुर-पट्टी नई रेल लाइन भी लंबे समय से अधर में है। करीब 25.72 किलोमीटर लंबी इस परियोजना के लिए फिरोजपुर और तरनतारन जिलों में लगभग 165.69 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। इस परियोजना की लागत 300 करोड़ रुपये से अधिक है। रेल मंत्रालय ने दिसंबर 2025 में भूमि अधिग्रहण के लिए 194.11 करोड़ रुपये पंजाब सरकार को जारी कर दिए थे, लेकिन अब तक अधिग्रहित जमीन रेलवे को नहीं सौंपी गई है। इस लाइन के बनने से फिरोजपुर और अमृतसर के बीच दूरी कम होगी, किसानों और व्यापारियों को माल ढुलाई में राहत मिलेगी तथा सीमा से सटे इलाके की रणनीतिक दृष्टि से भी यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

तलवंडी साबो वाया रामा मंडी-सड्डा सिंहवाला नई रेल लाइन भी भूमि अधिग्रहण के कारण आगे नहीं बढ़ पा रही है। लगभग 43 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर 231 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है। इस रेल लाइन के बनने से तख्त श्री दमदमा साहिब को सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके अलावा ललेआणा, तलवंडी साबो, जगा राम तीर्थ और कमालू सवाईच में नए रेलवे स्टेशन बनाए जाने की योजना है। इससे मानसा और बठिंडा के कई गांवों की रेल सुविधा बेहतर होगी और स्थानीय किसानों व कारोबारियों को बड़ा लाभ मिलेगा। कादियां-ब्यास नई रेल लाइन माझा क्षेत्र की प्रमुख परियोजनाओं में शामिल है। लगभग 39.68 किलोमीटर लंबी यह रेल लाइन गुरदासपुर के कादियां को अमृतसर के ब्यास से जोड़ेगी। पहले कानूनी अड़चनों के कारण यह परियोजना रुक गई थी, लेकिन अब इसे दोबारा आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। प्रस्तावित रेल मार्ग कादियां, ढपई, घुमाण, बुटाला, सठियाला और ब्यास से होकर गुजरेगा। इसके पूरा होने से माझा क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी, उद्योग और व्यापार को नई गति मिलेगी तथा धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच भी आसान हो जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि राज्य सरकार जल्द भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर रेलवे को जमीन उपलब्ध करा देती है तो इन परियोजनाओं का निर्माण कार्य तेजी से शुरू हो सकता है। इससे पंजाब में परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी, निवेश को बढ़ावा मिलेगा और राज्य के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *