
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता B. C. Khanduri के निधन के बाद पूरे प्रदेश में शोक की लहर है। मंगलवार शाम मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami देहरादून स्थित बसंत विहार आवास पहुंचे और दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय खंडूरी को नमन करते हुए कहा कि उत्तराखंड ने आज अपना एक अनुशासित सैनिक, कुशल प्रशासक और जनप्रिय नेता खो दिया है। उनके निधन से केवल राज्य ही नहीं बल्कि पूरे देश को अपूरणीय क्षति हुई है।
मुख्यमंत्री धामी छत्तीसगढ़ दौरे से लौटने के तुरंत बाद सीधे स्वर्गीय खंडूरी के निवास पहुंचे। यहां उन्होंने दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित किए और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान कई भाजपा नेता, समर्थक और आम लोग भी अपने प्रिय नेता को अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंचे। पूरे आवास परिसर में गमगीन माहौल देखने को मिला।
सीएम धामी ने कहा कि स्वर्गीय मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी का जीवन अनुशासन, ईमानदारी, राष्ट्रसेवा और जनकल्याण की भावना का प्रतीक रहा। उन्होंने भारतीय सेना में रहते हुए देश की सेवा की और बाद में राजनीति में भी उच्च आदर्श स्थापित किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि खंडूरी ने हमेशा पारदर्शी और जवाबदेह शासन व्यवस्था को बढ़ावा दिया तथा अपने कार्यकाल में जनता के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के विकास और सुशासन को मजबूत आधार देने में बीसी खंडूरी का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में कई दूरदर्शी फैसले लिए, जिनका लाभ आज भी प्रदेश की जनता को मिल रहा है। सड़क, शिक्षा, प्रशासनिक सुधार और पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर उनके कार्यों को लंबे समय तक याद किया जाएगा।

इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने स्वर्गीय खंडूरी की बेटी और उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष Ritu Khanduri Bhushan समेत अन्य परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने परिवार के सदस्यों को इस दुख की घड़ी में धैर्य और शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि यह दुख केवल खंडूरी परिवार का नहीं बल्कि पूरे उत्तराखंड के हर नागरिक का है।
मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार, समर्थकों व शुभचिंतकों को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। बीसी खंडूरी के निधन के बाद प्रदेशभर में राजनीतिक और सामाजिक संगठनों द्वारा शोक व्यक्त किया जा रहा है। लोग उन्हें एक ईमानदार, सादगीपूर्ण और जनसेवा को समर्पित नेता के रूप में याद कर रहे हैं।