उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून ने रविवार को सात निरीक्षकों के तबादले के आदेश जारी करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से नई जिम्मेदारियां सौंप दी हैं। इस फेरबदल को शहर की कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। खास बात यह है कि देहरादून की दो सबसे संवेदनशील और व्यस्त कोतवालियों—नगर कोतवाली और डालनवाला कोतवाली—के प्रभारियों में भी बदलाव किया गया है, जिससे पुलिस महकमे में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
जारी आदेशों के अनुसार निरीक्षक कैलाश चंद्र भट्ट को ऋषिकेश कोतवाली से स्थानांतरित कर प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर नियुक्त किया गया है। वहीं नगर कोतवाली के प्रभारी रहे निरीक्षक हरिओम राज चौहान को पुलिस कार्यालय में प्रभारी चुनाव सेल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नगर कोतवाली को देहरादून शहर का सबसे महत्वपूर्ण थाना क्षेत्र माना जाता है, जहां कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन हमेशा बड़ी चुनौती रहता है।
डालनवाला कोतवाली में भी अहम बदलाव किए गए हैं। शिकायत प्रकोष्ठ में तैनात निरीक्षक नरेंद्र सिंह गहलावत को प्रभारी निरीक्षक डालनवाला नियुक्त किया गया है। वहीं डालनवाला कोतवाली के प्रभारी रहे निरीक्षक संतोष सिंह कुंवर को पुलिस कार्यालय स्थित शिकायत प्रकोष्ठ का शाखा प्रभारी बनाया गया है। डालनवाला क्षेत्र भी राजधानी के प्रमुख और संवेदनशील इलाकों में शामिल है, जहां बड़ी संख्या में सरकारी कार्यालय, शैक्षणिक संस्थान और आवासीय क्षेत्र स्थित हैं।
इसके अलावा निरीक्षक यशपाल सिंह बिष्ट को रिजर्व पुलिस लाइन से स्थानांतरित कर प्रभारी निरीक्षक ऋषिकेश कोतवाली की जिम्मेदारी दी गई है। राकेश गुसाईं को रिजर्व पुलिस लाइन से कोतवाली डोईवाला भेजा गया है, जबकि कमल कुमार लुंठी को डोईवाला से स्थानांतरित कर रायवाला थाने का प्रभारी निरीक्षक नियुक्त किया गया है। इन नियुक्तियों को भी क्षेत्रीय पुलिसिंग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पुलिस विभाग के सूत्रों का कहना है कि इन तबादलों का उद्देश्य अपराध नियंत्रण को और प्रभावी बनाना, जनता को बेहतर पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराना तथा संवेदनशील क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था को मजबूत करना है। आने वाले दिनों में नए प्रभारियों के नेतृत्व में संबंधित थाना क्षेत्रों में पुलिसिंग के तौर-तरीकों और कार्यशैली में बदलाव देखने को मिल सकता है। पुलिस प्रशासन को उम्मीद है कि नई तैनातियों से अपराध नियंत्रण, जनसुनवाई और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।