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कॉर्बेट से सटे गांवों में सांपों की बढ़ी दस्तक, कोबरा और रसेल वाइपर समेत कई सांप पकड़े गए

उत्तराखंड के नैनीताल जिले में मानसून की बारिश के साथ ही सांपों की गतिविधियां तेजी से बढ़ गई हैं। रामनगर और कॉर्बेट नेशनल पार्क से सटे ग्रामीण इलाकों में पिछले तीन दिनों के दौरान 30 से अधिक सांपों का रेस्क्यू किया गया है। रेस्क्यू किए गए सांपों में जहरीले कोबरा, रसेल वाइपर और कॉमन करैत के साथ-साथ धामन और करीब 18 फीट लंबा बर्मीज पायथन भी शामिल है।

बारिश के बाद आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच रहे सांप

रेस्क्यू विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मी के बाद बारिश शुरू होने पर सांप अक्सर अपने प्राकृतिक ठिकानों से बाहर निकलते हैं। पानी भरने, भोजन की तलाश और सुरक्षित स्थान खोजने के दौरान वे कई बार घरों, गोदामों और आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच जाते हैं। इसी वजह से रामनगर और आसपास के गांवों से लगातार सांपों के घरों और अन्य स्थानों में दिखाई देने की सूचना मिल रही है।

कोबरा, रसेल वाइपर और करैत समेत कई प्रजातियां रेस्क्यू

पिछले कुछ दिनों में रेस्क्यू किए गए सांपों में कई अलग-अलग प्रजातियां शामिल हैं। इनमें प्रमुख रूप से:

  • स्पेक्टेकल्ड कोबरा
  • रसेल वाइपर
  • कॉमन करैत
  • धामन
  • बर्मीज पायथन

रेस्क्यू टीम ने वन विभाग के सहयोग से सभी सांपों को सुरक्षित तरीके से पकड़ा। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद इन्हें उनके प्राकृतिक जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया।

18 फीट लंबे अजगर ने मचाई सबसे ज्यादा दहशत

पूरे रेस्क्यू अभियान में करीब 18 फीट लंबे बर्मीज पायथन ने सबसे ज्यादा लोगों का ध्यान खींचा। इतना बड़ा अजगर आबादी के पास मिलने से स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया। हालांकि प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम ने सावधानीपूर्वक अजगर को पकड़ लिया और उसे सुरक्षित तरीके से जंगल में छोड़ दिया।

वन विभाग और विशेषज्ञों ने लोगों से की अपील

तराई पश्चिमी वन प्रभाग के वन दरोगा वीरेंद्र पांडे के अनुसार, मानसून के दौरान सांपों के बाहर निकलने की घटनाएं सामान्य तौर पर बढ़ जाती हैं। विभाग की ओर से ऐसे मामलों में लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। वहीं सेव द स्नेक सोसाइटी के अध्यक्ष चंद्र सेन कश्यप ने लोगों से अपील की है कि घर या आसपास सांप दिखाई देने पर घबराएं नहीं और उसे मारने की कोशिश न करें। लोगों को तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम को सूचना देनी चाहिए, ताकि सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़कर उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ा जा सके।

बरसात के मौसम में इन बातों का रखें ध्यान

मानसून के दौरान सांपों से बचाव के लिए घर और आसपास की झाड़ियों व लंबी घास को साफ रखें। रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का इस्तेमाल करें। दरवाजे और खिड़कियां ठीक से बंद रखें और बच्चों को झाड़ियों या सुनसान स्थानों पर अकेले न जाने दें। अगर घर या आसपास सांप दिखाई दे तो खुद उसे पकड़ने या भगाने का प्रयास न करें। सुरक्षित दूरी बनाए रखें और तत्काल वन विभाग या विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम को सूचना दें। मानसून के दौरान रामनगर और कॉर्बेट से सटे इलाकों में सांपों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग और रेस्क्यू टीमों ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

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