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Roorkee News: अवैध सॉस फैक्ट्री पर छापा, 8 कुंतल सॉस नष्ट और 351 बोतलें सीज

रुड़की:- अगर आप बाजार में मिलने वाले पैकेज्ड सॉस को अपने बच्चों के खाने में इस्तेमाल करते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। हर पैक्ड खाद्य उत्पाद सुरक्षित और मानकों के अनुरूप हो, यह जरूरी नहीं है। रुड़की में खाद्य सुरक्षा विभाग की एक कार्रवाई में सॉस निर्माण को लेकर ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हरिद्वार जिले के रुड़की क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने एक ऐसी इकाई पर छापा मारा, जहां कथित तौर पर बेहद अस्वच्छ परिस्थितियों में सॉस तैयार किया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान मशीनों, फर्श और दीवारों पर गंदगी पाई गई। इसके अलावा बड़ी मात्रा में बिना उचित लेबल वाला सॉस भी बरामद किया गया। कार्रवाई के दौरान विभाग ने करीब 8 कुंतल तैयार सॉस, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 32 हजार रुपये बताई गई है, मौके पर ही नष्ट कराया। वहीं बिना लेबल वाली 351 बोतलों को सीज किया गया।

कांवड़ मेला शुरू होने से पहले हुई बड़ी कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा विभाग की यह कार्रवाई कांवड़ मेला शुरू होने से ठीक एक दिन पहले की गई। हरिद्वार और रुड़की क्षेत्र में कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही होती है। ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर प्रशासन की निगरानी बढ़ जाती है। इसी दौरान बाजार में बिना लेबल वाली सॉस की बिक्री और संदिग्ध खाद्य उत्पादों को लेकर शिकायतें सामने आ रही थीं। शिकायतों के आधार पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने रुड़की के मतलबपुर गांव स्थित एक कंपनी पर छापा मारा।

351 बोतलों पर नहीं था जरूरी लेबल

निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को बड़ी संख्या में ऐसी वेजिटेबल सॉस की बोतलें मिलीं, जिन पर जरूरी जानकारी उपलब्ध नहीं थी। विभाग के मुताबिक, बोतलों पर निर्धारित लेबलिंग से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज नहीं थीं। इनमें:

  • बैच नंबर
  • निर्माण तिथि
  • एक्सपायरी तिथि
  • निर्माता का नाम और पता
  • FSSAI लाइसेंस नंबर
  • इस्तेमाल किए गए Ingredients की जानकारी

जैसी आवश्यक जानकारियां शामिल थीं। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने ऐसी 351 बोतलों को मौके पर सीज कर दिया।

मशीनों से लेकर फर्श तक मिली गंदगी

छापेमारी के दौरान सिर्फ लेबलिंग की गड़बड़ी ही सामने नहीं आई। विभागीय निरीक्षण में सॉस बनाने वाली यूनिट की स्वच्छता व्यवस्था भी बेहद खराब पाई गई।अधिकारियों के मुताबिक, सॉस निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीनों में अत्यधिक गंदगी जमा थी। इसके अलावा यूनिट की दीवारों और फर्श पर भी गंदगी पाई गई। ऐसी परिस्थितियों में खाद्य पदार्थ तैयार किए जाने को लेकर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने गंभीर आपत्ति जताई।

पानी और कर्मचारियों से जुड़े दस्तावेज भी नहीं मिले

निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री संचालक की ओर से कई जरूरी दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किए जा सके। खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार मौके पर पानी की जांच रिपोर्ट, कर्मचारियों के मेडिकल प्रमाण पत्र और सॉस की पैकिंग में इस्तेमाल की जा रही प्लास्टिक बोतलों के फूड ग्रेड सर्टिफिकेट जैसे जरूरी अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए। विभाग ने इन सभी बिंदुओं को खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के तौर पर दर्ज किया है।

सॉस के दो सैंपल जांच के लिए भेजे

कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके से निर्मित वेजिटेबल सॉस समेत दो खाद्य नमूने लिए हैं। इन नमूनों को वैज्ञानिक जांच के लिए प्रयोगशाला, रुद्रपुर भेजा गया है। अब प्रयोगशाला जांच की रिपोर्ट के बाद यह स्पष्ट होगा कि सॉस में किसी तरह की गुणवत्ता संबंधी कमी या अन्य खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है या नहीं।

8 कुंतल सॉस मौके पर कराया गया नष्ट

निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री में निर्मित और स्टॉक में रखे गए करीब 8 कुंतल सॉस को विभाग ने कार्रवाई के तहत नष्ट करा दिया। इस सॉस की अनुमानित कीमत करीब 32 हजार रुपये बताई गई है। विभाग के मुताबिक, लेबलिंग से जुड़े नियमों के उल्लंघन और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के कारण स्टॉक को सुरक्षित मानकों के अनुरूप नहीं माना गया। इसके अलावा फैक्ट्री में आगे खाद्य पदार्थों के निर्माण, संग्रहण और बिक्री पर भी रोक लगा दी गई है।

फैक्ट्री के गेट पर चस्पा किया नोटिस

खाद्य सुरक्षा विभाग ने संबंधित इकाई के खिलाफ कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री के गेट पर नोटिस चस्पा कर दिया है। अग्रिम आदेश तक सॉस और अन्य खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर रोक लगाई गई है। विभाग अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी आगे बढ़ा रहा है।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी

जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी ने बताया कि खाद्य पदार्थों के निर्माण, संग्रहण और बिक्री में निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य है। किसी भी इकाई में खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा। खासकर ऐसे खाद्य उत्पादों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, जिनमें लेबलिंग नियमों का उल्लंघन, साफ-सफाई की कमी, जरूरी दस्तावेजों का अभाव या खाद्य सुरक्षा से जुड़ी अन्य अनियमितताएं पाई जाती हैं।

उपभोक्ताओं के लिए भी जरूरी सावधानी

इस कार्रवाई के बाद उपभोक्ताओं के लिए भी जरूरी है कि वे बाजार से सॉस या कोई अन्य पैकेज्ड खाद्य पदार्थ खरीदते समय उसके लेबल की जांच जरूर करें। खरीदारी से पहले निर्माण तिथि, एक्सपायरी तिथि, बैच नंबर, निर्माता की जानकारी, FSSAI लाइसेंस नंबर और सामग्री की सूची जैसी जानकारियां देखना जरूरी है। रुड़की में सामने आया यह मामला यह भी दिखाता है कि सिर्फ पैकेट देखकर किसी खाद्य उत्पाद को सुरक्षित मान लेना पर्याप्त नहीं है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर जागरूक रहना उपभोक्ताओं के लिए भी जरूरी है।

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