रुड़की के झबरेड़ा क्षेत्र के सढौली गांव की रहने वाली काजल सैनी ने SDM बनकर अपने परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है और घर पर लगातार बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। काजल की सफलता आज क्षेत्र की बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। काजल सैनी एक साधारण किसान परिवार से संबंध रखती हैं। उनके पिता रामकुमार खेती-किसानी करते हैं जबकि उनकी मां राजदुलारी गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने हमेशा काजल की शिक्षा को प्राथमिकता दी और उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के लिए हर संभव सहयोग दिया।
काजल बताती हैं कि बचपन में उनके गांव के एक शिक्षक अमरनाथ अक्सर उन्हें SDM और प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारियों के बारे में बताया करते थे। उस समय वह इन बातों को पूरी तरह नहीं समझती थीं, लेकिन धीरे-धीरे उनके मन में प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना आकार लेने लगा। उन्होंने BAMS की पढ़ाई पूरी की, लेकिन बाद में महसूस किया कि उनका वास्तविक झुकाव प्रशासनिक सेवाओं की ओर है। इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी। इस दौरान उन्होंने UPSC सहित कई प्रतियोगी परीक्षाएं दीं, लेकिन शुरुआती प्रयासों में उन्हें सफलता नहीं मिल सकी।
वर्ष 2021 में PCS और Lower PCS परीक्षाओं में भी सफलता न मिलने के बावजूद काजल ने हिम्मत नहीं हारी। लगातार मेहनत और धैर्य के साथ तैयारी जारी रखी। उनकी लगन का परिणाम तब मिला जब अक्टूबर 2025 में उन्होंने Assistant Review Officer (ARO) की परीक्षा उत्तीर्ण की और सचिवालय में अपनी सेवाएं देना शुरू किया। नौकरी के साथ-साथ उन्होंने अपनी पढ़ाई और तैयारी जारी रखी। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और उनका चयन SDM पद के लिए हो गया। इस सफलता के बाद परिवार और गांव में खुशी की लहर दौड़ गई है।
काजल अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को देती हैं। उनका कहना है कि परिवार ने कभी भी उनकी शादी को प्राथमिकता नहीं दी, बल्कि उन्हें अच्छी शिक्षा और अपने सपनों को पूरा करने का अवसर दिया। माता-पिता के विश्वास और सहयोग ने ही उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। SDM बनने के बाद काजल सैनी के घर पर लगातार लोगों का आना-जाना लगा हुआ है। जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने उन्हें बधाई दी है। राज्यमंत्री श्यामवीर सैनी भी उनके आवास पहुंचे और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। काजल की सफलता आज ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों के लिए एक मिसाल बनकर सामने आई है।