
उत्तराखंड के प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय को लेकर बड़ी प्रगति देखने को मिल रही है। हाल ही में वन विभाग से विश्वविद्यालय के लिए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद खेल मंत्री रेखा आर्या पहली बार गौलापार स्थित उस भूमि पर पहुंचीं। इस दौरान वह भावुक नजर आईं और उन्होंने विश्वविद्यालय की भूमि की मिट्टी को माथे से लगाकर नमन किया। निरीक्षण के दौरान खेल मंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर में चल रहे समतलीकरण कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा और गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। वर्तमान में भूमि को समतल करने के साथ झाड़ियों और अन्य अवरोधों को हटाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
रेखा आर्या ने कहा कि यह भूमि केवल जमीन का एक टुकड़ा नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के लाखों खिलाड़ियों के सपनों का आधार है। उन्होंने कहा कि भविष्य में यहीं से प्रदेश के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर मिलेंगे। मंत्री ने कहा कि जब उन्होंने इस भूमि की मिट्टी को माथे से लगाया तो उन्हें उन खिलाड़ियों का संघर्ष और समर्पण याद आया, जो वर्षों से बेहतर खेल सुविधाओं का इंतजार कर रहे हैं। उनके अनुसार यह विश्वविद्यालय उत्तराखंड के खेल भविष्य की मजबूत नींव साबित होगा।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह परिसर खेल उत्कृष्टता का प्रमुख केंद्र बनेगा, जहां खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे प्रदेश के युवाओं को अपने खेल करियर को नई दिशा देने का अवसर मिलेगा। खेल मंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और प्रयासों के कारण यह महत्वाकांक्षी परियोजना अब धरातल पर उतरती दिखाई दे रही है। लंबे समय से लंबित यह सपना अब साकार होने की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि खेल विश्वविद्यालय के निर्माण के बाद उत्तराखंड देश के प्रमुख खेल राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा। साथ ही यह संस्थान प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।