
उधमसिंह नगर के काशीपुर में जमीन के म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित व्यक्ति से सरकारी अधिकारियों और मुख्यमंत्री के पीएसओ से पहचान का झांसा देकर करीब 20 लाख 53 हजार 999 रुपये ठग लिए गए। मामले में पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार रामपुर जिले के स्वार थाना क्षेत्र स्थित ग्राम पट्टीकला मझरा घोसीपुरा निवासी असलम पुत्र जुम्मा ने कुंडा कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है। असलम का आरोप है कि करीब पांच साल पहले उसने ग्राम सरवरखेड़ा निवासी अय्यूब अली से लगभग डेढ़ बीघा जमीन खरीदने का सौदा किया था। आरोपी ने पहले जमीन का म्यूटेशन अपने नाम कराने और बाद में रजिस्ट्री करने की बात कही थी।
पीड़ित के मुताबिक इसी दौरान उसकी मुलाकात चीमा पेपर मिल के पास एक ढाबे पर शाहीने अंजुम नाम की महिला से हुई। महिला ने खुद को दिल्ली में CISF में स्टेनो बताया और कहा कि गाजियाबाद निवासी पत्रकार दीपक शर्मा की बड़े सरकारी अधिकारियों तक पहुंच है। उसने दावा किया कि 20 लाख रुपये देने पर जमीन का म्यूटेशन आसानी से हो जाएगा। असलम का आरोप है कि बाद में उसकी बातचीत विशाल नाम के व्यक्ति से कराई गई, जिसे मुख्यमंत्री का पीएसओ बताया गया। आरोपियों ने सरकारी संपर्क और ऊंची पहुंच का हवाला देकर उसका भरोसा जीत लिया। इसी दौरान उससे चार महंगे मोबाइल फोन भी मंगवाए गए, जिन्हें सन्नी नाम के व्यक्ति को देने के लिए कहा गया।
पीड़ित ने बताया कि आरोपियों ने उसे रुद्रपुर डीएम कार्यालय बुलाकर कई बार पैसों की मांग की। भरोसे में आकर उसने अलग-अलग किस्तों में कुल 20 लाख 53 हजार 999 रुपये दे दिए। आरोपी लगातार म्यूटेशन का काम जल्द होने का भरोसा दिलाते रहे, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब आरोपियों ने फोन उठाना बंद कर दिया और म्यूटेशन नहीं हुआ, तब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दीपक शर्मा, शाहीने अंजुम, सन्नी और विशाल के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और आरोपियों की भूमिका के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।