नेपाल-तिब्बत सीमा से सटे इलाकों में आई अचानक और भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। आपदा के 24 घंटे बाद भी 468 टूरिस्ट और ट्रैवलर संपर्क से बाहर बताए जा रहे हैं, जिनमें 393 विदेशी नागरिक शामिल हैं। नेपाल के टूरिज्म डिपार्टमेंट के प्रवक्ता सूरज घिमिरे के मुताबिक, लापता लोगों में 75 नेपाली नागरिक भी हैं। नेपाल और चीन में अब तक कम से कम 165 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 558 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ के तेज बहाव ने कई गांवों को प्रभावित करने के साथ घरों, वाहनों, पुलों और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचाया है। बताया जा रहा है कि संपर्क से बाहर अधिकांश लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए तिब्बत जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान सीमा क्षेत्र में अचानक बाढ़ आ गई और देखते ही देखते पानी का तेज बहाव नदियों के किनारों को तोड़ते हुए नीचे की ओर बढ़ गया। हालात इतने गंभीर रहे कि कई इलाकों में सड़क और पुल क्षतिग्रस्त होने से राहत और बचाव कार्य भी प्रभावित हुआ। हाइड्रोलॉजिकल ऑब्जर्वेशन के मुताबिक, गल्छी में त्रिशूली नदी का जलस्तर महज 30 मिनट में करीब 9 मीटर बढ़ गया, जबकि मालेखु में इसी अवधि में लगभग 7 मीटर की वृद्धि दर्ज की गई। जलस्तर में इतनी तेज बढ़ोतरी सामान्य मानसूनी बाढ़ से अलग किसी अचानक बड़े जल-प्रवाह की ओर इशारा करती है। विशेषज्ञ अब इस घटना के संभावित कारणों की जांच कर रहे हैं।
काठमांडू स्थित इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट (ICIMOD) के वैज्ञानिक नेपाल और चीन की संबंधित संस्थाओं के साथ मिलकर जांच कर रहे हैं कि कहीं बर्फ और चट्टानों के बड़े हिस्से के खिसकने या हिमस्खलन के कारण नदी में अचानक पानी का दबाव तो नहीं बढ़ा। शुरुआती वीडियो फुटेज और स्थानीय जानकारी के आधार पर आशंका है कि भोटे कोशी नदी की सहायक नदी लेंडे खोला में भारी मात्रा में बर्फ और चट्टानें गिरी होंगी। इसके कारण पानी विस्थापित हुआ और मलबे के साथ बेहद तेज लहर नीचे की ओर बढ़ी। रिपोर्टों के अनुसार, स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 9 बजे भोटे कोशी बेसिन में पानी का स्तर अचानक तेजी से बढ़ना शुरू हुआ। इसके बाद बाढ़ का पानी नदी के किनारों को तोड़ते हुए त्रिशूली नदी की ओर बढ़ा, जिससे नुवाकोट और धाडिंग जिलों के निचले इलाकों में खतरा बढ़ गया। तेज बहाव अपने साथ भारी मलबा और बड़े पत्थर भी बहाकर ले गया, जिससे रास्ते में आने वाले कई इलाकों में व्यापक नुकसान हुआ। ICIMOD के महानिदेशक पेमा ग्यामतशो ने इस अचानक आई आपदा पर दुख जताते हुए नेपाल सरकार और प्रभावित लोगों के प्रति एकजुटता व्यक्त की है। फिलहाल विशेषज्ञों और संबंधित एजेंसियों की टीमें हालात पर नजर बनाए हुए हैं और लापता लोगों की तलाश तथा प्रभावित क्षेत्रों में राहत-बचाव अभियान जारी है।