
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से सावधानी बरतने और जिम्मेदारी के साथ संसाधनों का उपयोग करने की अपील की है। गुजरात के वडोदरा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों का असर भारत समेत पूरी दुनिया पर पड़ सकता है, इसलिए लोगों को अभी से सतर्क रहने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री ने 24 घंटे के भीतर दूसरी बार जनता से अपील करते हुए कहा कि जब तक हालात सामान्य नहीं होते, तब तक छोटे लेकिन जरूरी कदम उठाने चाहिए। उन्होंने लोगों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, कार पूलिंग अपनाने, वर्क फ्रॉम होम और वर्चुअल मीटिंग्स को बढ़ावा देने की सलाह दी। इसके साथ ही उन्होंने स्कूलों से भी ऑनलाइन क्लास व्यवस्था पर काम करने का आग्रह किया।
पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया पिछले कुछ वर्षों से लगातार संकटों का सामना कर रही है। कोविड-19 महामारी और आर्थिक अस्थिरता के बाद अब पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव एक नई चुनौती बनकर सामने आया है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल की तरह अनुशासन और सहयोग की भावना से इस संकट का भी सामना किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री ने स्वदेशी उत्पादों के उपयोग पर जोर देते हुए लोगों से अनावश्यक खर्च और सोने की खरीद को कुछ समय के लिए टालने की सलाह दी। साथ ही किसानों से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने की अपील भी की। माना जा रहा है कि सरकार आने वाले समय में ईंधन बचत और आर्थिक स्थिरता को लेकर कुछ बड़े कदम उठा सकती है।