पौड़ी की चर्चित ग्राम प्रधान वीरा रावत विवादों में, बुजुर्ग से अभद्रता मामले ने पकड़ा तूल
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले की चर्चित युवा ग्राम प्रधान वीरा रावत एक बार फिर सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया पर “जेनजी प्रधान” के नाम से पहचान बना चुकीं वीरा रावत इस बार एक विवाद को लेकर चर्चा में आ गई हैं। मामला गांव के एक बुजुर्ग व्यक्ति के साथ कथित अभद्रता और उसके बाद हुए समझौते से जुड़ा है। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
सोशल मीडिया वीडियो से शुरू हुआ विवाद
दरअसल यह विवाद तब शुरू हुआ जब वीरा रावत ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया। वीडियो में वह गांव के एक बुजुर्ग व्यक्ति से सवाल करती दिखाई दे रही हैं कि आखिर वह उनके चरित्र को लेकर दूसरे गांवों में कथित तौर पर गलत और आपत्तिजनक बातें क्यों फैला रहे हैं।
वीडियो में दोनों के बीच तीखी बहस होती दिखाई देती है। इसी दौरान बुजुर्ग व्यक्ति कथित तौर पर वीरा रावत का हाथ पकड़ लेते हैं और उन्हें गौशाला में बंद करने जैसी धमकी भी देते सुनाई देते हैं। इस घटना के बाद मामला थाने पहुंच गया।
थाने में हुआ समझौता, बुजुर्ग ने मांगी माफी
पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया। इस दौरान 75 वर्षीय बुजुर्ग ने वीरा रावत से माफी मांगते हुए उनके पैर छुए। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया।
कई सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाए कि किसी बुजुर्ग व्यक्ति से पैर छुआकर माफी मंगवाना कितना उचित है। वहीं कुछ लोगों ने महिला सम्मान के मुद्दे पर वीरा रावत का समर्थन भी किया।

वीरा रावत ने जारी किया अपना पक्ष
विवाद बढ़ने के बाद वीरा रावत ने एक और वीडियो जारी कर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि गांव में निरीक्षण के दौरान उन्हें पता चला कि संबंधित व्यक्ति उनके चरित्र को लेकर गलत बातें फैला रहा है।
वीरा के अनुसार उन्होंने केवल यह समझाने की कोशिश की कि प्रधान होने के नाते गांव में अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ निरीक्षण करना उनकी जिम्मेदारी है। लेकिन बातचीत के दौरान बुजुर्ग व्यक्ति गुस्से में आ गए और उनका हाथ पकड़ लिया। वीरा का कहना है कि इस घटना से वह मानसिक रूप से काफी आहत हुईं।
पहले भी चर्चा में रह चुकी हैं वीरा रावत
23 वर्षीय वीरा रावत पिछले पंचायत चुनाव में पौड़ी के मरोड़ा गांव की ग्राम प्रधान चुनी गई थीं। कम उम्र में प्रधान बनने और गांव में शराबबंदी जैसे फैसलों को लेकर वह पहले भी चर्चा में रह चुकी हैं। सोशल मीडिया पर उनकी सक्रियता और कामकाज के तरीके ने उन्हें अलग पहचान दिलाई है।
